संसदीय लोकतंत्र को न तो “पूँजीवाद” के खात्मे के लिए, और न ही “समाजवाद” लाने के लिए डिजाईन किया था. राजेन्द्र सायल.

“एक, संसदीय लोकतंत्र को न तो “पूँजीवाद” के खात्मे के लिए, और न ही “समाजवाद” लाने के लिए डिजाईन किया था. दो. भारत में लोगों/नागरिकों को उनकीं बुनिआदी ज़रूरतें (जैसे कि भोजन, पानी, आवास, नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा आदि) मुहैय्या कराने में संसदीय लोकतंत्र नाकाम रही है. तीन, नागरिकों Continue Reading

पर्सनैलिटी ऑफ द वीक में समाजवादी नेता आनंद मिश्रा .Dmaindia on line .

इस रविवार किसान नेता समाजवादी विचारक श्री आनंद मिश्र जी पर्सनैलिटी ऑफ द वीक के इस खास एपिसोड में बता रहे हैं कि जो स्थान कम्युनिस्ट आंदोलन में कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो का है। वही स्थान भारतीय राजनीति में डॉक्टर अंबेडकर की किताब “जातिभेद का उच्छेद” है इसलिए इसे पढ़े बिना आप Continue Reading

जोतने वाले को जमीन के लिए संघर्ष है नक्सलबाड़ी आंदोलन : तेजराम विद्रोही

25 मई 1967 में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिला के नक्सलबाड़ी गांव से भूमिहीन गरीब किसानों ने एकजुट होकर पूंजीपतियों और जमींदारों के क्रूर व्यवाहर के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। यह चिंगारी नक्सबाड़ी के रूप में पूरे देशभर में फैल गई। कानू सान्याल, चारू मजुमदार, जंगल संथाल, सोरेन बोस, Continue Reading

रूब़रू में लोकसभा चुनावों के परिणाम पर नंद कश्यप और आनंद मिश्रा से विस्तृत चर्चा .

मार्क्सवादी चिंतक ,किसान सभा के नेता तथा सामाजिक कार्यकर्ता नंद कश्यप ने कहा कि .. इस पर त्वरित टिप्पणी तो यही हो सकता है कि अति कुलीन बौद्धिकता को जनता ने स्वीकार नहीं किया।दूर से गठबंधन जरूर दिखा लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कोई संयोजन नहीं था. ठीक इसके विपरीत एनडीए Continue Reading

आखिर चूक कहां पर हो गई ? सचिन खुदशाह .

2019 आम चुनाव का रिजल्ट आ चुका है। इसे आप विपक्ष के नजरियो बरअक्‍स दो तरीके से देख सकते हैं। पहला तरीका यह है कि आप अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ दें और चुप बैठ जाएं। दूसरा तरीका है कि आप विश्लेषण करें पीछे जाएं और अपनी की Continue Reading

सुकरात और बहुमत .

प्रस्तुति , प्रोम्थियस प्रताप सिंह बहुमत एक भीड़ का नाम है जिसके पास विवेक नहीं होता और वह मनमाने ढंग से काम करती है और मुझे भीड़ की परवाह नहीं है । सुकरात ने यह जवाब क्रीटो को उस समय दिया जब क्रीटो सुकरात की तरफ़ विष का प्याला बढ़ा Continue Reading

कट्टर हिन्दू राष्ट्रवाद की जीत, भारतीय लोकतंत्र की हार.

उत्तम कुमार, संपादक दक्षिण कोसल पहले ओपिनियन पोल उसके बाद एक्जीट पोल के मार के बाद बचा ही क्या रहता है कि चुनाव परिणाम को इतमिनान से बैठकर देखा जाए। ईव्हीएम की होशियारी एक घंटे में ही सारा परिणाम हमारे समक्ष उड़ेल देता है। नाम मात्र का व्हीव्हीपेट उसे भी Continue Reading

बहुतईऔघड़ समय_है : बादल सरोज .

जो सबसे ज्यादा परेशान है वह तो मोर्चे पर डटा है। जो उतनी मुश्किल में नहीं है वह परेशान बैठा है, “लुट गए रे-मर गए रे- अब तो कच्छु नहीं होगो रे” के वृंदगान में सुर मिला रहा है, हारी हारी सी बातों से वातायन भर रहा है । ● Continue Reading

किलर इंस्टिंक्ट के बगैर जीत नहीं मिलती. कांग्रेस यही डिज़र्व करती है. : Shams_Ur_Rehman.

किलर इंस्टिंक्ट के बगैर जीत नहीं मिलती. कांग्रेस यही डिज़र्व करती है. 2004 से 2014 तक कांग्रेस हुकूमत में थी, सीधे सीधे संघ के बड़े नेता मालेगांव समेत आठ बड़े केसों में शक के दायरे में थे, सुबूत थे, आरएसएस बैन हो सकता था और उससे बढ़ कर गुजरात दंगे Continue Reading

बिलासपुर में माकपा नेता कश्यप पर हमले की निंदा, गिरफ्तारी की मांग : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी छत्तीसगढ़ .

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिवमंडल ने कल रात माकपा के बिलासपुर जिले समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता नंद कुमार कश्यप व उनके परिवारजनों पर किये गए जानलेवा हमलों की तीखी निंदा की है और हमलावर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है. आज यहां जारी एक बयान Continue Reading