अदानी खनन परियोजना पर पुण्य प्रसून बाजपेयी की महत्वपूर्ण रिपोर्टर अवश्य देखिये . https://m.youtube.com/watch?v=wT4tvw5qQuo

रफाल पर द हिन्दू की रिपोर्ट:अंबानी के लिए रक्षा मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट से प्रधानमंत्री ने बोला झूठ

08-02-2019 रवीश कुमार वरिष्ठ पत्रकार की फेसबुक से साभार  एन राम ने दि हिन्दू अख़बार में रफाल डील से संबंधित जो खुलासा किया है वो सन्न कर देने वाला है। इस बार एन राम ने रक्षा मंत्रालय के फाइल का वो हिस्सा ही छाप दिया है जिसमें इस बात पर Continue Reading

गोदान पढ़ते हुए ,गोदान में तत्कालीन शहरी जीवन की झलक और उसकी विडम्बना भी है ःः अजय चंन्द्रवंशी

1.02.2019 प्रेमचंद जी का उपन्यास ‘गोदान’ हर दौर के सह्रदय पाठकों को प्रभावित और संवेदित करता रहा है; और सम्भवतः करता रहेगा। काव्यशास्त्र के अनुसार पाठकों में ‘सह्रदयता’ का होना आवश्यक है; अन्यथा वे काव्य(साहित्य मात्र) के मर्म तक नही पहुंच पायेंगे। यों निष्पक्षता साहित्य के मूल्यांकन के लिये अनिवार्य Continue Reading

दूधनाथ सिंह : बंद मुट्ठी से रेत की मानिंद खिसक गयी जिंदगी.

13.01.2019 साहित्यकार दूधनाथ सिंह का 11 जनवरी की आधी रात को निधन हो गया । वे 81 वर्ष के थे । वे अपने पीछे दो बेटे , एक बेटी और उनका भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं । उनकी पत्नी निर्मला ठाकुर का आज से दो साल पहले स्वर्गवास हो Continue Reading

CG PUCL STATEMENT ON ELECTION RESULTS: chhattisgarh,Enlightened Voter’s Verdict Against Politics of Repression, Violence & Hate (CONGRALUATIONS TO VOTERS)

Bilaspur, 11/12/2018 People’s Union for Civil Liberties – Chhattisgarh has said about the Vidhan Sabha Election Results that : “It’s enlightened voter’s verdict against the politics of repression, violence and hate”, and expressed hope that the Indian National Congress Party that won the elections would take concrete steps to restore Continue Reading

सोनाखान (छत्तीसगढ़) के वीर शहीद नारायण सिंह ःः बलिदान दिवस 10 दिसम्बर

वीर नारायण सिंह का जन्म सन् 1795 में सोनाखान के जमींदार रामसाय के हर हुआ था। वे बिंझवार आदिवासी समुदाय के थे, उनके पिता ने 1818-19 के दौरान अंग्रेजों तथा भोंसले राजाओं के विरुद्ध तलवार उठाई लेकिन कैप्टन मैक्सन ने विद्रोह को दबा दिया। इसके बाद भी बिंझवार आदिवासियों के Continue Reading

दस्तावेज़ ःः गुरु घासीदास के उत्तराधिकारी पुत्र गुरुबालकदास की ह्त्या क्यों ?

 4.12.2018 सतनाम दमनकाल गुरूघासीदास जी के देहावसान पश्चात् सतनाम आंदोलन के नेतृत्वकर्ता कौन हो के प्रश्न पर सतनाम संगठन_समाज में विचार_विमर्श हुआ।चूँकि गुरूघासीदास ने व्यक्ति महत्ता के स्थान पर समाज महत्ता जोर दिया था।समाज में गंभीर चर्चा के बाद यह तय हुआ कि ,सतनाम आंदोलन को चलाने में गुरूघासीदास के Continue Reading