अनुसूचित जाति की महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद लगातार प्रताड़ना और राजनैतिक सरंक्षण की शर्मनाक कहानी : जिला मुंगेली के पथरिया थानांतर्गत ग्राम ढोढापुर

सामाजिक कार्यकर्ता विजयशंकर पात्रे की रिपोर्ट  11.01.2018 ** फ़िर एक बार मानवता को शर्मशार कर देने वाली घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ शर्मिंदा कर दिया है.जिला मूँगेली के पथरिया थानांतर्गत ग्राम ढोढापुर में एक अनुसूचित जाति की महिला के साथ कुछ भेड़िये प्रवृत्ति के लोगों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम Continue Reading

कौन सुनेगा दलितों की आवाज ?  जानबूझकर दलितों की अस्मिता की लड़ाई को देशद्रोह के रूप में पेश किया गया : संजीव खुदशाह

देशबंधु में प्रकाशित ** वर्तमान में हुए संघर्ष को जिस प्रकार से अंग्रेजों की जीत के जश्न के रूप में प्रसारित किया गया है। उससे लगता है कि दलित और वंचित समाज की आवाज सुनने वाला आज भी कोई नहीं है। उनका पक्ष कोई सुनना नहीं चाहता, ना ही बताना Continue Reading

क्या महार जाति वाद मिटाने के लिए लड़े थे : आनंद तेलतुंबड़े

9.01.2018 तय है कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने सैन्य मंसूबे पूरा करने की ठानी तो बेहिसाब संख्या में दलितों को सेना में भर्ती कर लिया। शायद दलित सैनिकों की अटूट निष्ठा और स्वामिभक्ति देखकर। संभवत: इसलिए भी कि वे सस्ते में मिल जाते थे। उस दौर में सेना में Continue Reading

संजीव खुदशाह को राजनारायण मिश्र स्मृति पुनर्नवा पुरस्कार 2017 , प्रदान : हिन्दी साहित्य सम्मेलन छतीसगढ़ .

7 जनवरी 2018 पुरस्कार प्राप्त करते हुये संजीव ने कहा : जब आप साहित्य की दुनिया में लगातार काम करते होते हैं और आपका सम्मान होता है वह भी एक नामचीन प्राचीन साहित्यिक संस्था के द्वारा। तो निश्चित तौर पर वह क्षण उसके लिए जीवन का बेहद गौरवशाली होता है। Continue Reading

कोरेगांव हमले के खिलाफ वामपंथी दलों भाकपा-माले लिबरेशन, भाकपा, माकपा, एसयूसीआई(सी)’ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने किया प्रतिरोध

4.01.201 *महाराष्ट्र के भीमा कोरेगाँव में अपने पूर्वजों का शौर्य दिवस मनाने इकट्ठा हुए दलितों पर हिंदुवादी संगठनों द्वारा किए गए बर्बर हमले के खिलाफ वामपंथी दलों भाकपा-माले लिबरेशन, भाकपा, माकपा, एसयूसीआई(सी)’ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने आज पावरहाउस भिलाई के अंबेडकर चौक पर संयुक्त रूप से प्रदर्शन कर उक्त Continue Reading

भीमा कोरेगांव के हिंसक घटना के विरोध में ‘: रायपुर और दुर्ग में आज धरना प्रदर्शन

4.01.2018 रायपुर आज छतीसगढ़ के राजधानी रायपुर में भीमा कोरेगांव के घटना के विरोध में धरना – प्रदर्शन आयोजित किया गया । वही संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर छतीसगढ़ क्रिश्चन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल जी दुर्ग में आयोजित धरना- प्रदर्शन हेतु दुर्ग जाकर अपने संगठन की ओर से समर्थन Continue Reading

कुछ अनोखे प्रेम पत्र / सावित्री बाई और ज्योतिबा फुले के प्रेम एवं सामाजिक चेतना के प्रतीक. – तीस्ता सीतलवाड़

02, Jan 2018 तीस्ता सीतलवाड़ #feminism #public-education ** सावित्रीबाई फुले यकीनन भारत की पहली महिला शिक्षिका और मुक्तिदाता थीं जिन्हें इतिहास ने लगभग भुला दिया है, 176 साल पहले 1831 में उनका जन्म हुआ और 3 जनवरी उनका जन्मदिन है, विभिन्न जातियों की लड़कियों के लिए पहले विद्यालय की स्थापना Continue Reading

3 जनवरी ,जयंती के दिन विशेष / सावित्रीबाई फुले : स्त्री संघर्ष की मशाल

सावित्रीबाई फुले : स्त्री संघर्ष की मशाल Sujata Parmita सुजाता पारमिता , फारवर्ड प्रेस सावित्रीबाई फुले (3 जनवरी 1831-10 मार्च 1897) के संघर्षो पर आज भारतीय स्त्री संगठनों में चर्चा की जा रही है। लगभग डेढ सौ साल पहले सावित्रीबाई फुले ने पितृसत्ता और स्त्री विरोधी मान्यताओं को ध्वस्त कर Continue Reading

कोरेगांव विजय उत्सव पर मनुवादियों का हमला , दुकानें पहले से की थी बन्द ,कर्फ़्यू ,एक की मौत – श्रेयांत की आँखों देखी रिपोर्ट .

क्या हुआ कोरेगांव में. श्रेयांत की आँखों देखी रिपोर्ट दिनांक 1 जनवरी 2018 को हम लोग, कोरेगांव विजय के 200 वर्ष पूरे होने की विजय मनाने और सैनिकों को नमन करने मुम्बई से निकले। मुम्बई से जिस बस से हम लोग निकले वह उत्तर प्रदेश से यहाँ जीविका कमाने आये Continue Reading