Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

12.11.2017

वैज्ञानिक जागरूकता के विकास से समाज में व्याप्त विभिन्न अंधविश्वासों व कुरीतियों का निर्मूलन संभव है। व्यक्ति को अपनी असफलता का दोष ग्रह-नक्षत्रों पर न थोपने की बजाय स्वयं की खामियों पर विश्लेषण करना चाहिए। आजकल पुष्य नक्षत्र के नाम पर काफी भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि विभिन्न ग्रह ,उपग्रह, नक्षत्र ,तारे खगोलीय पिण्ड हैं जिनका किसी के दैनिक क्रियाकलाप,लाभ हानि,खरीदी बिक्री से कोई संबंध नही है ,उक्त विचार अकलतरा के मुरलीडीह में आयोजित सभा में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने व्यक्त किये। सभा के पूर्व अकलतरा से मुरलीडीह तकअंधविश्वास के विरोध में रैली निकाली गयी तथा आयोजित समारोह में डॉ मिश्र का अभिनंदन किया गया तथा उन्हें अंधविश्वास विरोधी वीर योद्धा की उपाधि से से सम्मानित किया गया

डॉ. मिश्र ने कहा आमजन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास अतिआवश्यक है। किसी भी व्यक्ति को बचपन से ही अक्षर ज्ञान के साथ सामाजिक अंधविश्वासों व कुरीतियों के संबंध में सचेत किया जाना चाहिए। हमारे देश के विशाल स्वरूप में अनेक जाति, धर्म के लोग है जिनकी परंपराएँ व आस्था भी भिन्न-भिन्न है लेकिन धीरे-धीरे कुछ परंपराएँ, अंधविश्वासों के रूप में बदल गई है, जिनके कारण आम लोगों को न केवल शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा से गुजरना पड़ता है बल्कि ठगी का शिकार होना पड़ता है। कुछ चालाक लोग आम लोगों के मन में बसे अंधविश्वासों, अशिक्षा व आस्था का दोहन कर ठगते हैं। उन अंधविश्वासों व कुरीतियों से लोगों को होने वाली परेशानियों व नुकसान के संबंध में समझा कर ऐसे कुरीतियों का परित्याग किया जा सकता है। विभिन्न सामाजिक व चिकित्सा के संबंध में व्याप्त अंधविश्वासों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा देश के अनेक प्रदेश में विभिन्न प्रकार के अंधविश्वास प्रचलित हैं जो न केवल समाज की प्रगति में बाधक हैं बल्कि आम व्यक्ति के भ्रम को बढ़ाते हैं, उसके मन की शंका-कुशंका में वृद्धि करते हैं।

डॉ मिश्र ने कहा कालाजादू ,डायन जैसी मान्यताओ का कोई अस्तित्व नहीं है, अज्ञानता,चिकित्सा सुविधाओं की कमी जानकारी के अभाव,रूढि़वादी परम्पराओ के कारण इस प्रकार की घटनाएं घटती है, देश के 17 प्रदेशों में डायन और जादू-टोने का अंधविश्वास बना हुआ है, जहाँ से महिला प्रताडऩा की घटनाएँ सामने आते रहती है। जादू-टोने का कोई अस्तित्व नहीं होता है और सिर्फ अपने अन्धविश्वास व् भ्रम के कारण किसी ही हत्या करना, मारना पीटना प्रताडि़त करना, गलत, गैरकानूनी, अमानवीय है  जिनमें किसी महिला को जादू-टोना करके नुकसान पहुँचाने के संदेह में हत्या, मारपीट कर दी जाती है जबकि कोई नारी टोनही या डायन नहीं हो सकती। उसमें ऐसी कोई शक्ति नहीं होती जिससे वह किसी व्यक्ति, बच्चों या गाँव का नुकसान कर सके। जादू-टोने के आरोप में महिला प्रताडऩा रोकना आवश्यक है। अंधविश्वासों के कारण होने वाली टोनही प्रताडऩा, सामाजिक बहिष्कार, बलि प्रथा जैसी घटनाओं से भी मानव अधिकारों का हनन हो रहा है। डॉ. मिश्र ने कहा कई बार लोग चमत्कारिक सफलता प्राप्त करने के उम्मीद में ठगी के शिकार हो जाते हैं, जबकि किसी भी परीक्षा, साक्षत्कार, नौकरी, प्रमोशन के लिए कठोर परिश्रम व सुनियिोजित तैयारी आवश्यक है। तुरन्त सफलता के लिए किसी चमत्कारिक अँगूठी, ताबीज, तंत्र-मंत्र कथित बाबाओं के चक्कर में फँसने की बजाय परिश्रम का रास्ता अपनाना ही उचित है। डॉ. मिश्र ने कहा समाज में जादू-टोना, टोनही आदि के संबंध में भ्रामक धारणायें सदियों से है जिनमें किसी भी बीमारी या मुसीबतों का कारण जादू-टोने को ही माना जाता है, जबकि वास्तव में ऐसी धारणाएँ काल्पनिक है, जिनका कोई प्रमाण नहीं है। पहले बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सा सुविधाएँ न होने से लोगों के पास झाड़-फूँक व चमत्कारिक उपचार ही एकमात्र रास्ता था, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के बढ़ते कदमों व अनुसंधानों ने कई बीमारियों, संक्रामकों पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है तथा कई बीमारियों के उपचार की आधुनिक विधियाँ खोजी जा रही है। बीमारियों के सही उपचार के लिए झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र की बजाय प्रशिक्षित चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। आमतौर पर अंधविश्वासों के कारण होने वाली घटनाओं की शिकार महिलाएँ ही होती है।

अपनी सरल प्रवृत्ति के कारण से सहज ही चमत्कारिक दिखाई देने वाली घटनाओं व अफवाहों पर विश्वास कर लेती है व ठगी व प्रताडऩा की शिकार होती है जिससे भगवान दिखाने के नाम पर रूपये, गहने दुगुना करने के नाम पर ठगी की जाती है।व्याख्यान के बाद तथाकथित चमत्कारों का वैज्ञानिक प्रदर्शन किया गया । गुरु घासीदास सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष लखन सुबोध और पदाधिकारियों द्वारा डॉ दिनेश मिश्र का अभिनंदन और अंधविश्वास विरोधी वीर योद्धा की उपाधि से सम्मानित किया गया ।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण ,विभिन्न स्थानो से आये कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

***

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.