दुःखद सूचना

भोपाल के वरिष्ठ साहित्यकार बनाफर चंद का 3 नवम्बर 2017 की सुबह बिहार में निधन हो गया है.

 

भेल, भोपाल से सेवानिवृत्त बनाफर जी पिछले चार दशक से हिंदी-साहित्य में सक्रिय थे।
वे जनवादी लेखक संघ से शुरूआत से ही जुड़े हुए थे और भोपाल की *भेल* इकाई के संस्थापक रहे.

उनके आठ उपन्यास, चार कहानी संग्रह, तीन कविता संग्रह और दो ग़ज़ल संग्रहों के साथ आत्मकथा के दो भाग भी प्रकाशित हैं।

रचनाकर्म के लिए उन्हें रेणु सम्मान, ज्योतिबा फुले सम्मान सहित कई सम्मान मिले थे।

आंचलिकता बनाफर जी की रचनाओं की खासियत रही।
लंबे वक्त तक भोपाल शहर में नौकरी करते हुए भी उन्होंने ग्रामीण जीवन को अपनी कहानियों- उपन्यासों का केंद्र बनाया।

भाई बनाफर चंद के आकस्मिक निधन पर जनवादी लेखक संघ मध्यप्रदेश उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता है.

उनकी स्मृति में जलेस भेल इकाई द्वारा आज 4 नवंबर 2017 की शाम 4 बजे हिंदी ग्यान मंदिर, बखेड़ा, बीएचइएल,भोपाल में शोकसभा होगी.