जब चाहे तब आप बलात्कार कर सकते हैं, नक्सल के नाम पर कई दिनों तक रख कर थाने में रात दिन अनाचार कर सकते हैं : छतीसगढ़ पुलिस पर आरोप

लिंगा राम कोड़ोपी की रिपोर्ट 

30.10.2017

मेरे भारत देश में एक ऐसा राज्य हैं, जहाँ आये दिन बलात्कार , हत्या, और आदिवासियों पर नक्सली होने का आरोप लगाया जाता हैं व जेल भेजा जाता हैं। अधिकारी और कर्मचारी कोई अपराध करें तो उनको खुले में घूमने की आजादी हैं

 

आईए कहानी की शुरुआत करते हैं.

इस पीड़िता के साथ बलात्कार हुआँ हैं, जिससे आज सोनी सोरी मिलने गई हुई थी। इस पीड़िता से मिलने के बाद पता चला हैं कि जिस प्रकार से सोनी सोरी के साथ पुलिस प्रताड़ना हुआँ हैं, कुछ उसी प्रकार का घटना हैं।

यह पीड़ित अम्बिकापुर सरगुजा  जिले की रहने वाली हैं और आदिवासी हैं। सन 2013 में यह पीड़िता जिला दंतेवाड़ा में एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ पढ़ने के नाम से आई और 2017 में 12 वी की पढ़ाई पूरी की। पीड़िता दन्तेवाड़ा कोतवाली थाना के महिला आरक्षक के साथ आयी थी। इस पीड़िता के साथ बलात्कार करने वाला कोई और नहीं बल्कि पुलिस वाला हैं और उच्च अधिकारियों की गाड़ी (ड्राइवर) चलाता हैं। माधव सिंह ठाकुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला हैं। माधव सिंह ठाकुर की दीदी पूनम सिंह ठाकुर दांतेवाड़ा कोतवाली में पुलिस आरक्षक हैं। माधव सिंह ठाकुर का जीजा सत्येंद्र सिंह ठाकुर गीदम थाने में हवलदार हैं। माधव सिह M.T. शाखा में वाहन चालक हैं। पहले जिला दन्तेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप की गाड़ी चलाता था। कुछ समय बाद जिले के उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव के वाहन चालक हैं।

यह घटना 04/10/2017 को हुई हैं।
05/10/2017 इस पीड़िता ने घटना के बाद न्याय के लिए सुबह थाना कोतवाली दंतेवाड़ा पहुँची प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए। थाने के थाना प्रभारी ने पीड़िता का बयान सुन कर एस. पी. दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप को फोन लगाया, पुलिस अधीक्षक महोदय का कहना था कि F.I.R. लिखवाने के लिए उस पीड़िता को गीदम थाना भेज दिया जाए। इस पीड़िता को गीदम थाने भेजा गया। पीड़िता गीदम थाने पहुंची। थाने में जो हुआ आप सोच भी नहीं सकते की गीदम थाने की पुलिस ऐसा करेगी।

पीड़िता का कहना हैं कि गीदम थाने में F.I.R. दर्ज करने में भी आना कानी हुई। बड़ी मुश्किल से थाने में F.I.R. दर्ज हुई हैं। थाने में पीड़िता के साथ बहुत बुरा बर्ताव भी हुआँ हैं। पीड़िता से पूछा गया की तू अपनी मर्जी से समबन् बनाई है। तेरे साथ घटना हुई हैं या नही पता नहीं। गलत रिपोर्ट लिखवाने पर पीड़िता को पुलिस द्वारा चप्पलों से मारने की भी बात कही गई हैं।

पीड़िता के ऊपर रिपोर्ट न लिखवाने का दबाव भी महिला A.S.I. मीरा वर्मा द्वारा डाला जा रहा था, जिस दिन पीड़िता F.I.R. करने थाना पहुची उस दिन अपराधी माधव सिंह ठाकुर भी थाने में मौजूद था और हस रहा था। पीड़िता ने बस्तर पुलिस महानिरीक्षक जगदलपुर के पास भी शिकायत की हैं लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुईं हैं।

पीड़िता ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के पास भी शिकायत किया हैं, अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। F.I.R. लिखवाकर 26 दिन पूरे हो गए हैं। पीड़िता को कोई न्याय नहीं। बस्तर संभाग के पुलिस अधिकारी गांजा पीकर नशे में है, तो काम क्या करेंगे।

वैसे भी पीड़िता आदिवासी हैं और गरीब हैं। आदिवासी लड़कियां बहुत सस्ती होती हैं। जब चाहे तब आप बलात्कार कर सकते हैं, नक्सल के नाम पर कई दिनों तक रख कर थाने में रात दिन अनाचार कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार अपराधियों के साथ हैं आदिवासियों व आम नागरिकों के साथ नहीं।

सरकार साथ होती तो इस पीड़िता को न्याय मिले रहता। माधव सिंह को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर ली होती। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार माधव सिंह ठाकुर पुलिस विभाग के कई अधिकारियों को दीपावली की शुभकामनाएं भेजता रहा, फोन ट्रेस कर दन्तेवाड़ा पुलिस गिरफ्तार कर सकती थीं। सारीं घटना देखकर लगता हैं कि पुलिस प्रसाशन मिली हुई हैं। समाचार पत्रों में लगातार10 दिनों से खबर छापी जा रहीं हैं। बस्तर संभाग के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पुलिस नशे में हैं। इसलिए अपराधी खुले में घूम रहे हैं।

बस्तर और छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे बड़े अपराधी तो राज्य महिला आयोग, बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक, जिला दन्तेवाड़ा पुलिस अधीक्षक, दन्तेवाड़ा उप पुलिस अधीक्षक और जिले के सभी पुलिस कर्मचारी अपराधी हैं। इस पीड़िता का बलात्कार माधव सिंह ठाकुर ने नहीं बल्की इन अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों ने किया हैं।

यह घटना इस पीड़िता के साथ न हो कर किसी पुलिस अधिकारी के बेटी या नेता की बेटी के साथ होता तो क्या छत्तीसगढ़ राज्य सरकार तमाशा देखते रहती। छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी भी सोये व नशे में हैं। इन आदिवासियों को कौन जगाएगा? जब तक देश के आदिवासी जागेंगे नहीं तब तक सरकार आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार और नक्सल के नाम पर हत्याएं होतीं रहेगीं।

वैसे भी छत्तीसगढ़ राज्य में जब तक B.J.P. की सरकार हैं तब तक महिलाओं के साथ अपराध होना रुकेगा नहीं। उदाहरण के तौर पर गीदम बाजार में महिला के सब्ज़ी को B.J.P. नेता द्वारा लात मरना, राजेश मूणत की CD काण्ड का सामने आना, ग्राम पालनार के गुरुकुल कन्या आवासीय विद्यालय में 16 स्कुली बच्चों के साथ C.R.P.F. के जवानों द्वारा छेड़खानी का मामला। ये सारी घटनाओं से पता लगता हैं की छत्तीसगढ़ राज्य की B.J.P. सरकार कितनी निकम्मी हैं। बलात्कार पीड़िता को न्याय के तौर पर माधव सिंह ठाकुर की 48 घंटो में गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं सोशल मीडिया में पीड़िता का वीड़ियो प्रकाशित करूँगा। देश के तमाम बुद्धिजीवियों, पत्रकारों,व सामाजिक कार्यकर्ताओं और देश के गढमान्य नागरिको से मेरी नम्र निवेदन हैं की इस आदिवासी पीड़िता को छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस से न्याय दिलाने में मदद करे।

कल इस मुद्दे को लेकर जिला दन्तेवाड़ा में आम आदमी पार्टी व आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी प्रेसवार्ता करने वाली हैं।

जिले के सभी पत्रकारों से निवेदन हैं की प्रेसवार्ता को कवरेज करे और प्रकाशित करे।

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