रमन सरकार ने चुनावी वायदा पूरा नहीं किया तो अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा को किसानों का सामना करना होगा.

बोनस तिहार के बाद किसानों को बरगलाने के लिए रमन सरकार फसल बीमा तिहार, सूखा राहत तिहार भी मनाने वाली है

*किसानों को कर्ज नहीं पटाकर एनपीए की श्रेणी में आने का आह्वान,ताकि सरकार औद्योगिक घराने की तरह किसानों के एनपीए माफ कर सके*

*केंद्र और छत्तीसगढ़ में ढगों की सरकार है, तीन साल में मोदी सरकार ने 22 किसान विरोधी निर्णय लिया है*

*अगले एक साल में दुर्ग संभाग के सभी जिलों में ग्रामीण, परिक्षेत्रीय ,ब्लाक और जिला कमेटियों का गठन किया जायेगा इसके अलावा किसान आयोग का गठन करने, किसान पेंशन लागू करने और मंहगाई भत्ते के समान न्यूनतम समर्थन मूल्य को मूल्य सूचकांक से जोड़ने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जायेगा*

*संगठन द्वारा 15 नवंबर से 31जनवरी तक किसान जागृति यात्रा निकालकर दुर्ग संभाग के सभी धान खरीदी केंद्र जाकर किसानों का स्वाभिमान जगाया जायेगा*

*अगले एक साल तक संगठन लागत मूल्य, समर्थन मूल्य, फसल बीमा और सूखा राहत पर संघर्ष करेगी*

*सभी गांवों में किसान समाज का गठन किया जायेगा*

*छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत में लिए गये अहम फैसले, दुर्ग संभाग के किसानों के अलावा रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के प्रतिनिधि हुए शामिल*

*किसान महापंचायत के खुले प्रथम सत्र को राष्ट्रीय किसान महासंघ के पंजाब से जगजीत सिंह,हरियाणा के सुरेश कुमार राजस्थान के संतवीर सिंह, मप्र के शिवकुमार शर्मा, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्त और अध्यक्ष आई के वर्मा ने संबोधित किया*

*दूसरे सांगठनिक सत्र को संगठन के महासचिव झबेंद्र भूषण दास वैष्णव, बालोद जिला अध्यक्ष हुकुम लाल साहू, बेमेतरा जिला अध्यक्ष रामसहाय वर्मा, दुर्ग जिला संयोजक हेमू साहू, बद्री प्रसाद पारकर, बाबूलाल साहू, श्रीमती चंद्रकांति सागर, जीवनंदन पिपरिया, महेश ताम्रकार आदि ने संबोधित किया*

***

Leave a Reply

You may have missed