हमारे देश के अमीरों ने गरीबों के खिलाफ अपनी सेना भेजी है, और यह एक गृहयुद्घ है -हिमांशु कुमार 

हमारे देश के अमीरों ने गरीबों के खिलाफ अपनी सेना भेजी है, और यह एक गृहयुद्घ है -हिमांशु कुमार 

पीयूसीएल की ओर से आयोजित संगोष्ठी में हिमांशु कुमार

13.10.2017

 

कल बाल भारती स्कूल इलाहाबाद में पीयूसीएल की ओर से आयोजित संगोष्ठी में हिमांशु कुमार ने मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ में लगातार हो रहे मानवाथिकार हनन पर बेहद विचारोत्तेजक और झकझोर देने वाला वक्तव्य रखा। उन्होंने बताया कि अमीरों के लिए जंगल खाली कराने के लिए वहां के आदिवासियों पर अपने ही देश की सेना और पुलिस दमन कर रही है। दरअसल इस परिघटना को ऐसे देखना ज्यादा सही है कि हमारे देश के अमीरों ने गरीबों के खिलाफ अपनी सेना भेजी है, और यह एक गृहयुद्घ है। उन्होंने वहां आदिवासी जनता के ऊपर होने वाले दमन का बेहद भयानक बयान किया, जो इलाहाबाद में रहने वाले नागरिकों के लिए अविश्वयनीय भी था। हिमांशु कुमार ने कई उदाहरणों से बताया कि देश की सत्ता का हर स्तम्भ कैसे इन आदिवासियों के खिलाफ और अमीरों के पक्ष में खड़ा है। उन्होनें बताया कि छत्तीसगढ़ में सलवा जुडुम फिर से शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के एण्टी रोमियो स्क्वैड के उन्होनें सलवा जुडुम का ही एक रूप बताया, जिसमें लम्पटों का एक गिरोह लोगों से मार पीट कर रहा है। उन्होनें कहा अगर आप छत्तीसगढ़ की इन घटनाओ को नजरअंदाज करेंगे तो आप भी सुरक्षित नहीं रहेंगे, क्योंकि कल ये हमला यहां भी होना है। दूसरे के मानवाथिकार पर बोलने का मतलब है अपने मानवाथिकारों की रक्षा करना।

इस विचारोत्तेजक वक्तव्य के बाद लोगों ने अपनी टिप्पणियां और सवाल भी रखे। संगोष्ठी के अंत में इंकलाबी छात्र मोर्चा के सदस्य रितेश विद्यार्थी की गिरफ्तारी और उन पर फर्जी मुकदमा लादे जाने को फासीवाद का ताजा उदाहरण बताकर इसकी निंदा की गयी।

  1. * सीमा आज़ाद की रिपोर्ट

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