रमन सरकार समस्याओं को हल करने के बजाय विकास व तरक्की का ढिंढोरा पीट रही है — भाकपा-माले, लिबरेशन

11/10/2017

भाकपा-माले, लिबरेशन ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि रमन सरकार किसानों को एक साल का बोनस देकर छलावा कर रही है। जगह-जगह बोनस तिहार मनाकर सरकार किसान हितैषी होने का ढोंग कर रही है।

पार्टी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सूखा पड़ा हुआ है, कर्ज़ से त्रस्त होकर किसान आत्महत्या कर रहे हैं, काम के अभाव में ग्रामीणों का पलायन हो रहा है, ठेका के नाम पर लोगों से बंधुवा मजदूरी कराई जा रही है तथा जल,ज़ंगल ज़मीन को लूटा जा रहा है।*
*पार्टी ने आगे कहा है कि रमन सरकार उक्त समस्याओं को हल करने के बजाय विकास व तरक्की का ढिंढोरा पीट रही है। भाकपा-माले ने मांग किया है कि किसानों को शेष चार सालों का धान का बोनस दिया जाये, किसानों के सभी कर्ज़ माफ किए जाएँ, 2100/- रूपये क्विंटल में धान खरीदी की जाए, रेगहा किसानों को भी तमाम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाये, छत्तीसगढ़ को अकाल क्षेत्र घोषित कर 30 हजार प्रति एकड़ मुआवज़ा दिया जाये , मनरेगा के तहत 300 दिनों का काम सुनिश्चित किया जाये और घोषित न्यूनतम मज़दूरी दी जाये।

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बृजेंद्र तिवारी
( राज्य सचिव ), भाकपा-माले, छत्तीसगढ़

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