11.10.2017

ठेका श्रमिको की मांगो पर चर्चा की शीघ्र पहल शुरू करे जिला प्रशासन – छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन

शांतिपूर्ण आन्दोलनरत ठेका श्रमिकों की मांगो को पूरा करें अल्ट्राटेक – छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन

बलोदाबजार जिले के हिरमी में स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी में कार्यरत ठेका श्रमिक अपने बोनस, न्यूनतम मजदूरी के साथ पूर्व में मिल रहे भत्तो को यथावत जारी रखने और ठेकेदारों द्वारा बार बार मजदूरों को कार्य से निकाले जाने और ठेकदारों की मनमानी को रोकने आदि की प्रमुख मांगो को लेकर सोमवार से धरना पर बैठे हैं l शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत श्रमिकों के साथ असंवेदनशील रवैया अपनाते हुए जिला प्रशासन या कंपनी के द्वारा अभी तक कोई भी चर्चा शुरू नहीं की गई हैं l छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन श्रमिकों के आन्दोलन को अपना समर्थन प्रदान करते हुए जिला प्रशासन से मांग करता हैं कि शीघ्र ही आन्दोलनरत श्रमिकों के साथ बातचीत शुरू कर उनकी मांगों को पूरा किया जाये l

गौरतलब हैं कि दिनांक 3 / 6 / 2016 को त्रिपक्षीय समझोते पर दो यूनियनों और समस्त प्रभावित ठेकेदारों के साथ मेनेजमेंट के जिम्मेदार अधिकारीयों ने हस्ताक्षर किया था जिसके बाद 42 रूपये की वेतन वृधि के साथ ठेका श्रमिक वेतन प्राप्त कर रहे थे, परन्तु अप्रैल माह में नया वेतन लागु करने के नाम पर कंपनी ने बिना किसी नोटिश के श्रमिको के वेतन में 42 से 62 रूपये की कटोती कर दी हैं जो कि पूर्णता नियम विरुद्ध हैं l क्यूंकि न्यूनतम वेतन अधिनियम की धारा 2 A में स्पष्ट प्रावधान हैं कि कोई सेटलमेंट लागु हैं तो उस अवधि में उस वेतन को पुनर्निधारण के नाम पर न्यूनतम वेतन पर नहीं लाया जा सकता हैं l अल्ट्राटेक कंपनी की एकतरफा कार्यवाही पुर्णतः श्रमिक विरोधी है जिसका छत्तीसगढ़ बचाओ कड़े शब्दों में निंदा करता हैं l

छत्तीसगढ़ में अधिकतर कंपनियों में ठेका श्रमिकों का शोषण किया जा रहा हैं यहाँ तक की न्यूनतम मजदूरी से भी वंचित किया जा रहा हैं l राज्य सरकार के मजदूरों के प्रति असंवेदनशील रवैया के कारण ही कंपनिया अपनी मनमानी कर रही हैं l छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन राज्य सरकार से मांग करता हैं कि ऐसी कंपनियों पर कठोर कार्यवाही की जाये जो मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित करते हुए श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं l

भवदीय

नंदकुमार कश्यप रमाकांत बंजारे आलोक शुक्ला