11.10.2017

सुकमा में आज बुर्कापाल , तोड़का, ताड़मेटला , और दावेली के बडी संख्या में आदिवासी और आप नेता सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने प्रेस के सामने अपनी व्यथा व्यक्त की .
बुर्कापाल की अनिता ने बताया कि 10 मार्च को उसके पिता दुला माड़वी को नक्सली हत्या कर दिये थे ,पूरा परिवार नक्सल पीड़ित था और अब पुलिस के लोग उसके दोनों भाई माड़वी लक्ष्मण और माड़वी छन्ना को पकड़ कर ले गये है, अब घर मे खेती करने को कोई नही बचा है.घर में अपनी भाभी के साथ अकेली रह गई है ,पुलिस ने अभी तक कोई चालान तक पेश नही किया है ,जिससे कि कानूनी सहायता करके उन्हें छुड़ाया जा सके.
चारो गांव के करीब 35 महिला पुरुष उपस्थित थे उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें बहुत प्रताड़ित कर रही है,उन सबको माओवादी समर्थक कह कर मारपीट करते है,घरो में घुसकर लूटपाट करते है और परिजनों को पकड़ कर ले गए है,घर पूरी तरह पुरुश विहीन हो गए है. पिछले साल हमारे इन्ही लोगो को यही पुलिस जबरजस्ती माओवादी कह कर समर्पण करवा दिये थे और अब यही लोग इन्हें पकड़कर ले गए हैं ,जब कि हममें से किसी का माओवादियों से कोई सम्बन्ध नही था .अब हालात यह बन गये है कि माओ वादी हमे पुलिस का मानते है और पुलिस हमे उनका मानती है.

 

सोनी सोरी ने कहा कि पुलिस हमारी प्रताड़ना बन्द करे उसे हमारी सुरक्षा के लिये लाया गया है या आसिवसियो को खत्म करने के लिये यहाँ भेजा गया है. सोनी ने कहा कि अगर सरकार ने हमारी नही सुनी तो हम सब लोग सुकमा या जगदलपुर ने बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे इसकी तैयार की जा रही हैं .
गोरका के ग्रामीण पटेल उइका भीमा ने बताया कि गोम्पाद
गोम्पाड़ मामले में ग्रामीणों ने गवाही दी थी इससे फोर्स नाराज है और इसीलिए हमसे बदला ले रही है.
आज ही बुर्कापाल के मुचाकी विन्ज़ा को पुलिस ने बुरी तरह मारा पीटा जिससे वह गम्भीर रूप से घायल है.
प्रेस कॉंफ्रेंस में बुर्कापाल से 4 गोरका से 16 ताड़मेटला से 7 और डांडेली से 7 ग्रामीण उपस्थित थे ,आप नेता सोनी सोरी के अलावा लोकसभा संयोजक रोहित आर्य ,रामदेव बघेल,हेमलता बंधु, सोढ़ी देवा,गंगा मांडवी,पाण्डु मुचकी,उइका भीमा सहित करीब 40 लोग उपस्थित थे.

पुलिस डीआईजी सुंदराजन का कहना है कि कोई इन्हें रहने का अधिकार नही छीन सकता .स्थिति में बदलाव आता जा रहा हूं ,अब ग्रामीणों का झुकाव फोर्स की तरफ़ बढ़ता जा रहा है ,पुलिस पर लगाये गए आरोपी गलत है.