किसानों के घरों में मातम और सरकार मनाने जा रही बोनस तिहार – किसान महासंघ

 

किसानों के घरों में मातम और सरकार मनाने जा रही बोनस तिहार, आत्महत्या किये किसानों के सम्मान में बोनस तिहार स्थगित हो : छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

 

छत्तीसगढ़ में किसानों की आर्थिक हालत लगातार नाजुक बनी हुई है और इसी कारण किसान आत्महत्या करने जैसा भयानक  कदम उठा रहे हैं । आज ही कवर्धा और धरसीवा क्षेत्र के 2 किसानों कुंजबिहारी साहू ग्राम कोरेसरा और किसन धीवर ग्राम बेलटुकरी ने कर्ज से तंग आकर आत्महत्या कर ली । सरकार द्वारा बोनस बाँटने की घोषणा के बाद गत एक माह में अब तक 5 किसान आत्महत्या कर चुके है ।

इस वर्ष भयंकर सूखा के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति गंभीर हो चुकी है, कर्ज और बढ़ चुका है और ऐसे में उपज नहीं आने की आशंका में किसान आत्महत्या जैसा भयानक कदम उठा रहे हैं । इन परिस्थितियों में बोनस तिहार का मनाना,  किसानों का सरासर अपमान है । एक तरफ किसानों के घर में मातम पसरा हुआ है और दूसरी तरफ सरकार सिर्फ 1 साल का बोनस बांट कर पूरे प्रदेश में त्यौहार का माहौल खड़ा करने का प्रयास कर रही है ।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य द्वारिका साहू, रूपन चंद्राकर,पारसनाथ साहू, पप्पू कोसरे, जागेश्वर चंद्राकर, डॉ संकेत ठाकुर, उत्तम जायसवाल, शत्रुघ्न साहू, गोविंद चंद्राकर, श्रवण चंद्राकर, तेजराम विद्रोही, मदन साहू, आदि ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि बोनस तिहार पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए । इस मद में खर्च की जाने वाली राशि को आत्महत्या किए किसानों के परिवारों में मुआवजा वितरित किया जावे । सूखा में तमाम शासकीय आयोजन रद्द होने चाहिए। इसी तरह राज्योत्सव पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए ।

किसान महासंघ ने मांग की है की बोनस तिहार मनाने का सरकारी फरमान शोकसंतप्त किसान परिवारों के सम्मान में स्थगित किया जाए ।

रूपन चन्द्राकर
संयोजक मण्डल सदस्य
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

Leave a Reply