*_Press Release | Narmada Bachao Andolan | August 16, 2017_*

  • *धार जेल में मेधा पाटकर से मिलने पहुंचे दिग्विजय सिंह*
  • *मेधा पाटकर को 2 प्रकरणों में मिली जमानत व एक आवेदन पत्र निरस्त*
  • *प्रमुख कार्यकर्ताओं पर लगाये 9 झूठे मुकदमो में से 8 में मिली जमानत*

*धार, मध्य प्रदेश | 16 अगस्त 2017*: आज धार जेल में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी मेधा पाटकर से मिलने पहुँचे | जेल से बाहर निकल कर कहा कि संवाद करने की जगह भय और आतंक का माहौल बना रहे है शिवराज सिंह चौहान | उन्होंने कहा की मेधा पाटकर एक महान समाजसेवी हैं जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन नर्मदा नदी के डूब प्रभावितों के अधिकारों की लड़ाई में लगा दिया |

कुक्षी नि. प्र नर्मदा बचाओ आन्दोलन की मुख्य कार्यकर्ता सुश्री मेधा पाटकर के अधिवक्ता क्लिफ्टन डी. रोजारियो सहित राजप्रकाश पहाड़िया द्वारा न्यायालय अति. जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय कुक्षी श्रीमती प्रविणा व्यास के न्यायालय में प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्रों पर ज़बरदस्त बहस की गई व सरकार की ओर से लोक अभियोजन राजेंद्र गुप्ता द्वारा जमानत आवेदन पात्र पर अपना विरोध दर्ज करवाया |

सुश्री मेधा पाटकर के विरुद्ध पुलिस थाना कुक्षी द्वारा दर्ज अपराध क्र. 393/17, धारा 353 भा.द.वि. व अपराध क्र. 392/17, धारा 353, 34 भा.द.वि. में ज़मानत का लाभ दिया गया किन्तु अपराध क्र. 472/17, धारा 353, 365, 342, 147, 508 भा.द.वि. में ज़मानत का आवेदन पत्र निरस्त कर देने से सुश्री मेधा पाटकर को अभी जेल ही रहना होगा, अधिवक्ता क्लिफ्टन डी. रोजारियो द्वारा बताया गया कि – यह जमानत हेतु अति शीघ्र इंदौर उच्च न्यायलय में आवेदन पत्र प्रस्तुत करेंगे |

साथ ही नर्मदा बचाओ आन्दोलन के लगभग सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा झूठे मुक़दमे लगा कर परेशान करने व लाखों लोगों के संघर्ष को कमज़ोर करने की कोशिश की गयी | लेकिन आज 9 मुकदमों में से 8 में ज़मानत मिल गयी है और कल की एक पेशी अंजड में है | खापरखेडा के विजय भाई, निसरपुर के दुर्जी भाई और संटू भाई पर भी झूठे और गंभीर मुक़दमे लगाये गये हैं और वे अभी भी जेल मे हैं |

ऐसा सही ही कहा गया है, जब अन्याय कानून बन जाए, तो संघर्ष कर्तव्य बन जाता है। और इसी कर्तव्य का पालन करते हुए नर्मदा घाटी के हम सभी लोग संविधान में विश्वास रखते हुए और संघर्ष और सत्याग्रह के बल पर अपना अहिंसक लड़ाई जारी रखेंगे और ना सिर्फ अपने अधिकार और हक बल्कि पूरे मानवीय समाज, पर्यावरण और प्रकृति को बचाने की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

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