संविधान और सामाजिक न्याय के लिए वकीलों को एकजुट होना होगा – छत्तीसगढ़   आल इण्डिया लायर्स यूनियन . प्रदेश में अधिवक्ताओ के हितो और समस्याओ की विस्तार से चर्चा और महत्वपूर्ण निर्णय /राज्य स्तरीय कार्यकारिणी का नामांकन .

बिलासपुर / 13 अगस्त

आल इण्डिया लायर्स यूनियन की प्रांतीय समिति की बैठक आज बिलासपुर में आयोजित की गई ,जिसमे विस्तार से वकीलों के साथ आ रही समस्याओ और कठिनाइयों पर चर्चा की गई .छत्तीसगढ़ में अनेक अधिवक्ताओ पर पिछले वर्ष कई  हमले हुए हैं ,ऐसे वकील जो आदिवासियों के प्रकरण लेते है उन्हें बस्तर पुलिस झूटे मामले लगा कर  अपने मूल काम  करने से रोक रही है , और जो पुलिस के खिलाफ केस लड़ते है उन्हें नक्सली सिद्द किया जा रहा हैं , यह कहा गया की वकील राज्यसरकार के खजाने में हर साल करोडो रुपये कोर्ट फीस के रूप में भरते है लेकिन उन्ही वकीलों की विप्पति  के समय  कोई लाभ नहीं मिलता .वकील की मौत पर  काफी जद्दोजहद  के बाद उन्हें 1.50 लाख रुपये  मिल  पाता है जो कतई सम्मान जनक नहीं है ,इसलिए यह मांग की गई की ऐसे वकील जिसने निरंतर 25 साल कार्य  किया है उसे जीवन कल में 5 लाख और म्रत्यु होने पर और 5 लाख रुपये प्रदान किया जाएँ .

पारित प्रस्ताव में कहा गया की बार रूम मे वकीलों के सम्मानजनक बैठने की व्यवस्था की जाये ,साल में एक बार परिवार सहित कन्सेशन टिकिट पर भ्रमण और दुर्घटना बीमा के लिए  5 लाख रुपये प्रदान किया जाये ,उनके लिए समार्ट कार्ड की तरह इलाज की व्यवस्था की जानी चाहिए .नए वकीलों को कमसे दो साल के लिये  स्टायफंड [ सहयोग राशी ] प्रदान की जाये और वकील के पंजीयन के समय क़ानूनी किताबों का एक सेट दिया जाये ,नए वकिलो के पंजीयन के समय बार कोंसिल द्वारा ली जाने वाली फीस बहुत ज्यादा होती है उसे न्यूनतम किया जाये .सभी न्यायलय स्तर पर  महिला वकीलों के लिये यौन उत्पीड़न शिकायत  समिति बनाई जाये, विधिक सहायता योजना को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जाये .महिला अधिवक्ता को शादी और प्रसूति से समय 25 -25  हजार रूपये की सहायता मिले .

यूनियन ने मांग रखी की उच्च न्यायलय और उच्चतम न्यायलय में जजों की नियुक्ति को पारदर्शी और उत्तरदाई बनाया जाये ,ऐसे जजों को हटाने की प्रक्रिया सहज बने जिनपर भ्रष्टाचार के अरोप सिद्द हों उन्हें बर्खास्त करने की प्रक्रिया सरल बनाई जाये .जिस राज्य से जो वकिल प्रेक्टिस कर रहे है उन्हें उसी राज्य के हाई कोर्ट में  जज  नियुक्त नहीं किया जाये ,और यह भी मांग की है की एडवोकेट एक्ट में बड़े आपत्तिजनक बदलाव किया गए है जिससे उसका मूल चरित्र ही ख़तम हो जायेगा ,ऐसे बदलाव के खिलाफ के खिलाफ यूनियन ने संसोधन दिये है , उसे माना जाये .

आज की बैठक की अध्यक्षता एडवोकेट  एच एम श्रीवास्तव , शोकत अली ,प्रभाकर चन्देल ,शालिनी गेरा और सलीम काजी ने की .

बैठक में  यूनियन के सम्मेलन तक के लिए राज्य समिति का नामांकन किया गया .अध्यक्ष ,एच एम श्रीवास्तव  [ सूरजपुर ],उपाध्यक्ष प्रभाकर सिंह चंदेल [बिलासपुर ] सचिव शौकत अली [बिलासपुर ] कोषाध्यक्ष , आर मुखोपाध्याय [बिलासपुर ] कार्यकारणी सदस्य , रजनीश बघेल , भरत लुनिया ,सलीम काजी ,राकेश पाण्डेय ,प्रियंका शुक्ला ,सुनील साहू ,एम के गिरी [सूरजपुर ] मोहन यादव [ पत्थल गाँव ] ललित सिंह [ दुर्ग [हरीश यादव [ महासमुंद ]शालिनी गेरा , ईशा खंडेलवाल  निकिता अग्रवाल ,कौशल सिंह [ पेंड्रा ] संदीप दिवेदी .संदीप बनाफर ,गायत्री सुमन  का नामांकन किया गए ,यह समिति एक महीने सदस्यता  अभियान चलाकर राज्य सम्मेलन आयोजित करेगी ,उस सम्मेलन में नै समिति की चुनाव किया जायेगा .

आज की बैठक में उपरोक्त के आलावा   एडवोकेट श्रीमति माया गुप्ता ,अनिल कुमार गुप्ता , आदम मोहम्मद मेमन ,सुधिर बर्मन ,विजय स्वर्णकार ,सुधाकर सालुंके ,सुनील साहू , सपना कुरे ,जितेन्द्र सराफ ,संजय कुमार कश्यप ,गुरु प्रसाद कुर्रे ,मोहम्मद सलीम कुरैशी ,राकेश मोहन पाण्डेय ,आदि उपस्थित थे .

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