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6 अगस्त 17/रायपुर
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नर्मदा बचाओ आन्दोलन के समर्थन और मेधा पाटेकर की खराब होती स्थिति के खिलाफ छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन ,मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ,आम आदमी पार्टी ,सीपीआई एम एल रेड स्टार ,छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति ,किसान मजदूर महासंघ ,छत्तीसगढ़ पीयूसीएल ,राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद् आदि संगटनों ने रायपुर के आम्बेडकर चौक पर प्रतिरोध प्रदर्शन किया .और मेधा जी की बिगडती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और सरकारों से तुरंत चर्चा कर न्याय पूर्ण समुचित पुनर्वास तक सरोवर बांध के गेट खोलने की पुरज़ोर मांग की .
वक्ताओ ने कहा की नर्मदा घाटी के चालीस हज़ार परिवारों को बिना पूर्ण पुनर्वास के उन्हें हटाने का कान केंद्र और मप्र शासन कर रहा है उन्हें जबरन उजाड़
कर जल समाधी दे रही हैं .पिछले बीस सालों से इसके खिलाफ लोग आन्दोलनरत है .छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन और हम सब संघटन नर्मदा घाटी के समस्त विस्थापितों की मांग का समर्थन करते है और उनके आन्दोलन के प्रति एक जुटता ज़ाहिर करते है।
हम सब भारत के राष्ट्रपति महोदय और प्रधानमंत्री जी से मांग करते है की सुप्रीम कोर्ट के आदेशा का पालन करते हुए जब तक विस्थापितों का सम्पूर्ण पुनर्वास न हो जाये तब तक बांध के गेट खोले जाएँ जिससे की चालीस हज़ार परिवारो का जीवन संकट में न पड जायें .
सभी ने एक स्वर में मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार आन्दोलन कारियों से तुरंत बात शुरू करे और कोर्ट की मंशानुसार कार्यवाही करे.
प्रतिरोध सभा को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव संजय पराते ,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव आरडी सी पी राव ,छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संकेत ठाकुर , सीपीआई एम एल रेड स्टार के राज्य सचिव सोरा यादव ,सीपीआई एम एल के सचिव विजेन्द्र तिवारी ,छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति कि कलादास डेहरिया , सी वाय
एस एस से अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ,छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन के संयोजक नन्द कशयप और आलोक षुक्ला ,तुहिन देव ,गोल्डी जार्ज ,और पीयूसीएल से डा. लाखन सिंह आदि ने सम्बोधित किया .
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