विधानसभा का असमय सत्रावसान किसानों का अपमान : छग किसान मजदूर महासंघ

रायपुर /3 अगस्त 17
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छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का मात्र ढाई दिनों के भीतर सत्रावसान कर भारतीय जनता पार्टी ने किसानों के प्रति संवेदन हीनता दर्शाते हुए उनका अपमान किया है ।  छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने भाजपा सरकार के इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे लोकतंत्र की हत्या करार किया है । वे किसान जो भाजपा की वादाखिलाफी की वजह से कर्ज में डूब गए और आत्महत्या करने तक को मजबूर हो गए ऐसे कृषक परिवारों और प्रदेश की ढाई करोड़ जनता के लोकतांत्रिक अधिकारो का भाजपा सरकार ने हनन किया है ।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य द्वारिका साहू, पप्पू कोसरे, पारसनाथ साहू, रूपन चंद्राकर, डॉ संकेत ठाकुर, जुगनू चंद्राकर, वीरेंद्र पांडे, उत्तम जायसवाल, दुर्गा झा, भानु प्रकाश चन्द्रा, गौतम बंदोपाध्याय, लक्ष्मीनारायण चंद्राकर, गिरधर मढ़रिया, राकेश तिवारी सहित 28 संगठन के समस्त प्रतिनिधियों ने कहा है कि प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उनके मंत्रीगण अब जनता द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सामना करने में असमर्थ है अतः इस सरकार को तत्काल बर्खास्त कर दिया जाना चाहिये ।

किसान महासंघ ने भाजपा सरकार को चेतावनी दी थी की भाजपा सन 2013 में चुनाव में किसानों से किये अपने संकल्प पूरा करे अन्यथा  रु 300 प्रति क्विंटल धान पर बोनस, रु 2100 धान का समर्थन मूल्य, कर्ज माफी, स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागु करने, शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन, मुफ्त बिजली, एक एक दाना धान की खरीदी सहित 7 सूत्रीय मांगों के साथ किसान आंदोलन उग्र होगा । महासंघ ने मांगे पूरा करने के लिये 8 अगस्त तक समय दिया था अन्यथा 9 अगस्त की विधायकों को विधानसभा नहीं जाने दिया जायेगा । ऐसा प्रतीत होता है कि रमन सरकार किसानों के आंदोलन से घबरा गई और इसलिए समय से पूर्व सत्रावसान कर दिया ।

किसान आंदोलन अपनी मांगों को पूरी करवाने तक जारी रहेगा । भाजपा सरकार द्वारा लिए गए निर्णय पर विचार कर आंदोलन के स्वरुप में परिवर्तन लाया जाएगा इस हेतु महासंघ के राज्य संयोजक मंडल की बैठक में विचार कर निर्णय लिया जायेगा ।

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छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

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