छत्तीसगढ़ में 107 किसानो ने की आत्महत्या – सरकार ने स्वीकार किया विधनासभा में. इस वर्ष जुलाई तक 33 और पिछले साल 74 किसानो ने दी अपनी जान .

छत्तीसगढ़ में 107 किसानो ने की आत्महत्या – सरकार ने स्वीकार किया विधनासभा में.
इस वर्ष जुलाई तक 33 और पिछले साल 74 किसानो ने दी अपनी जान .
राजस्व मंत्री ने किसानो की आत्महत्या का कारण पारवारिक विवाद ,नशा और बोमारी बताया ,किसी भी किसान की मौत का कारण क़र्ज़ या खेती का कारण नहीं बताया गया
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रायपुर / 2 अगस्त 17
छत्तीसगढ़ विधान सभा में आज सरकार ने एक लिखित उत्तर में यह माना की इस साल जुलाई तक 33 किसानो ने और गत वर्ष 74 किसानो ने अपनी जान दे दी .विधान सभा के मानसून सत्र में शुरू से किसानो का मुद्दा जोर शोर से उठाया गया ,नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव और मोहन मरकाम के सवालों के जबाब में राजस्वमंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने लिखित में बताया की 2016-17 में 74 और जुलाई तक 33 किसानो ने जान दी हैं .
सरकार ने यह भी बताया की सबसे ज्यादा खुदकशी के मामले बलोदाबाज़ार से आ रहे हैं . 2016-17 में सिर्फ बलोदा बाज़ार से 39 और इस साल जुलाई तक 15 किसान खुदकशी किया हैं .कबीरधाम से 16 रायपुर में 8 और बेमेतरा में अभी तक 3 किसान अपनी जान दी हौं .
विपक्ष ने विधानसभा के पहले दिन दिवगंतो को श्रधांजलि में किसानों को भी जड़ने की बात कही जिसे सरकार ने अस्वीकार कर दिया .
राजस्व मंत्री ने किसानो की आत्महत्या का कारण पारवारिक विवाद ,नशा और बोमारी बताया ,किसी भी किसान की मौत का कारण क़र्ज़ या खेती का कारण नहीं बताया गया .
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