नर्मदा बचाओ आन्दोलन के  उपवास का चौथा दिन, व जल सत्याग्रह का दूसरा दिन।

नर्मदा बचाओ आन्दोलन के  उपवास का चौथा दिन, व जल सत्याग्रह का दूसरा दिन।

तीस जुलाई  17

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देश भर के जन आन्दोलन कर रहे अलग अलग राज्यों में प्रदर्शन, ऑनलाइन पेटीशन में मिला 29 देशो से समर्थन

 

आज चिखल्दा में जल सत्याग्रह के दूसरे दिन शामिल हुए 200 से ज्यादा लोग।

 

बाँध प्रभावितों ने किया बड़वानी में कारंजा पर कफ़न सत्याग्रह, दिखाया कैसे जलहत्या करना चाहती सरकार।

 

मध्य प्रदेश सरकार कर रही घोषणाएं, मांग रही समय –लेकिन घोषणाएं पहले जमीन पर उतारे, बिना एक भी परिवार को डूबाये, बाँध के गेट्स फ़ौरन खोले सरकार।

 

 

बड़वानी, मध्य प्रदेश | 30 जुलाई, 2017 : आज अनिश्चितकालीन अनशन का चौथा दिन और जल सत्याग्रह का दूसरा दिन था। नर्मदा घाटी के लोगों ने शिवराज सिंह चौहान के 29 जुलाई 2017 को किये विशेष पैकेज की घोषणा पर प्रहार करते हुए बताया कि सरकार को अगर इतनी चिंता है लोगों की तो क्यों नहीं उनके अधिकार और हक उन्हें दे देते हैं, बार बार नई घोषणाओं का क्या मतलब है? कब तक घोषणाओ के सहारे लोगों को लुभाने की कोशिश करेंगे, क्या लिखित नीतिया उन्हें दिखाई नहीं देती? शिवराज सिंह चौहान के मोडल गाँव बनानें पर समय के आभाव का बहाना देने पर लोगो ने कहा की सरकार को समय चाहिए तो समय ले और जब सभी परिवारों का सम्पूर्ण और न्यायपूर्ण पुनर्वास हो जाएगा और सभी घोषणाओं पर अमल न हो जाए तब तक बाँध के गेट्स खोलकर लोगों को उनके गाँव रहने दिया जाए। पुलिस बल और सत्ता का आक्रामक रवैया दिखाकर नर्मदा घाटी के लोगों को ना डराए। बिना सम्पूर्ण और न्यायपूर्ण पुनर्वास के हम में से कोई भी नहीं हटने वाला है, चाहे हमारी जलहत्या ही क्यों ना कर दे सरकार। गाँधी समाधि का हश्र हमने देखा है और यह सरकार विश्वास योग्य कतई नहीं है।

 

सुबह चिखल्दा में करीबन 200 से ज्यादा लोगों ने आज सामूहिक जल सत्याग्रह किया और उसके बाद बड़वानी में कफ़न सत्याग्रह करते हुए दिखलाया कि इस तरह सरकार और पुलिस बल उन्हें बाँध के गेट्स बंद करके डूबाने की तैयारी में हैं और इसी तरेह लाखों लोगो को कफ़न पहनाने की तयारी में है मध्य प्रदेश प्रशासन।

 

कफ़न सत्याग्रह में उपस्थित अमूल्य निधि ने बताया कि देश भर से नर्मदा बचाओ आन्दोलन और नर्मदा घाटी के लोगों के समर्थन में जनसंगठन प्रदर्शन कर रहे है, जल सत्याग्रह कर रहे हैं| सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी पढने में भूल की है और पुनर्वास व अलग प्रावधानों पर आँखें मूँद कर सिर्फ और सिर्फ जबरन घाटी से जबरन बेदखली और बाँध के गेट्स बंद कर जलहत्या करने पर तुली है।

 

कल शाम में बातचीत को आये कलेक्टर, धार ने टिन शेड्स को सम्पूर्ण पुनर्वास होने तक अस्थायी रूप से रहने के लिए बनवाने की बात बताई जिसपर लोग ने उन्हें साफ़ तौर पर कह दिया कि एक तरफ उच्चतम न्यायलय का दिलासा दे कर जोर और ज़बरदस्ती करने वाली सरकार आज उसी के आदेश को ना मानते हुए जिसमे स्थाई व पूर्ण पुनर्वास की बात कही गई है, अस्थाई पुनर्वास स्थल की बात कर रही है | सरकार अपनी नाकामी छुपाने में लगी हुई है और हम किसी भी तरह उनके नाकामियों का खामियाजा नहीं भुगतेंगे, हम अपने मूल गाँव ही रहेंगे। सरकार को सम्पूर्ण पुनर्वास, वैकल्पिक आजीविका देने का काम करना चाहिए ना कि बाँध के गेट्स बंद कर, पुलिस बल, एनडीआरऍफ़ की टीम तैनात कर घाटी के लाखों लोगों को जबरन बेदखली और जलहत्या के लिए डराने का।

 

9 जुलाई 2017 को केंद्रीय जल आयोग की 5 टीमों ने 15 से ज्यादा पुनर्वास स्थलों का निरक्षण किया जिसका सुचना के अधिकार के तहत उन्होंने सिर्फ खल्बुजुर्ग, धरमपूरी और खुजावा की रिपोर्ट दी | तीनो ही पुनर्वास स्थलों में पानी के न होने, जल निकास व्यवस्था का आभाव और बिजली व हैण्ड पंप न होने की जानकारी दी गई है|

 

इस के साथ घाटी के लोगों ने अपना उपवास जारी रखने का संकल्प लिया और सरकार को काम करने की हिदायत दी ना कि खोखले घोषनाओं की। घोषणाएं सिर्फ सत्ता पाने का हथियार बन कर रह गयी है आज के लोकतंत्र में।

 

नर्मदा घाटी के समर्थन में देश के अलग अलग जगह में आयोजित कार्यक्रम और प्रदर्शन :

 

27 जुलाई, 2017

·        पश्चिम बंगाल में नर्मदा घाटी के लोगों की लड़ाई के समर्थन में प्रेस वार्ता

·        दिल्ली में दिल्ली समर्थक समूह द्वारा की गई कैंडल मार्च और प्रदर्शन |

·        डोमेस्टिक वर्कर्स यूनियन चलाकेरे कर्नाटक में 1 दिन का उपवास

28 जुलाई, 2017

·        दिल्ली में खुदाई खिदमतगार द्वारा किया गया धरना प्रदर्शन |

29 जुलाई, 2017

·        किसान संघर्ष समिति ने मुलताई में तापती सरोवर में किया जल सत्याग्रह

·        भोपाल में जन आन्दोलनों ने धरना दिया

·        जबलपुर में महाकौशल समर्थन समूह ने रैली निकली|

·        उत्तर प्रदेश, बनारस में अस्सी घाट पर किया गया जल सत्याग्रह

30 जुलाई, 2017

·        पश्चिम बंगाल में जल सत्याग्रह

·        सीतापुर, उत्तर प्रदेश में हुआ प्रदर्शन

·        बरेली, उत्तर प्रदेश में हुआ प्रदर्शन

·        राजघाट, दिल्ली

31 जुलाई 2017

·        गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश में 22 जिलों, महाराष्ट्र में 20 जगह, सीधी मध्य प्रदेश जगह जैसे कई राज्यों में जन आन्दोलनों द्वारा किया जायेगा धरना |

·        दिल्ली में स्वराज पार्टी द्वारा समर्थन में उपवास और कैंडल मार्च जंतर मंतर पर |

1 अगस्त 2017

·        आम आदमी पार्टी द्वारा नर्मदा विस्थापित बचाओ, प्रदेश बचाओ यात्रा की जाएगी

देश भर में चल रहे प्रदर्शन के अलावा प्रभावित 40000 से अधिक परिवारों के लिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा ऑनलाइन पीटीशन पर दुनिया भर के 29 देशों से हस्ताक्षर आये हैं | 29 देशो में शामिल है ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, इंग्लैंड, फिलिपिन्स, बेल्जियम, ब्राज़ील, दक्षिण अफ्रीका व अन्य देश ।

 

देश भर के ही नहीं पुरे विश्व में नर्मदा घाटी में हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठ रही है | लेकिन सरकार अपने घमंड और दमनकारी व्यव्हार से बाज आने को तयार नहीं है| अनिश्चितकालीन उपवास का चौथा दिन भी ख़तम होने आया और लोग पूरी दृढ़ता के साथ , डूबेंगे लेकिंग बिना न्याय हटेंगे नहीं का संकल्प लेकर बैठे हैं|

 

संपर्क: 9179617513, 9867348307

 

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