आत्महत्या के किसानो के साथ अपमानजनक व्यवहार किया कृषि मन्त्री ने .

कृषि मंत्री के अपमानजनक व्यवहार की निंदा, आरंग विधायक के घेराव के लिये बोनस बइठका गांव गांव में सम्पन्न

आरंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक नवीन मारकंडे को आगामी 10 जुलाई को घेरने के लिए छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के द्वारा बोनस बइठका आज अनेक गांव में आयोजित की गई । बोनस बइठका में किसानों को बताया गया कि किस तरह भारतीय जनता पार्टी ने संकल्प पत्र जारी कर पिछले तीन विधानसभा चुनाव में किसानों के साथ लगातार धोखाधड़ी की है ।  रु 300 बोनस, 2100 रुपए धान का समर्थन मूल्य, शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन, मुफ्त बिजली, एक एक दाना धान की खरीदी – यह वे संकल्प थे जिसे भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के समय सभी किसानों के सामने व्यक्त किया था । इनमें से एक भी वादा उन्होंने पूरा नहीं किया ।

रमन सिंह सरकार की वादाखिलाफी  को लेकर छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य द्वारिका साहू रूपन चंद्राकर पप्पू को श्री पारसनाथ साहू लक्ष्मीनारायण चंद्राकर गोविंद चंद्राकर के द्वारा बोनस बइठका की गई । आज आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुल्लू, समोदा, परसकोल, फरफौद, भानसोज और लखोली में बोनस बइठका का आयोजन किया गया ।

किसान नेताओं ने  5 जुलाई को कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निवास पर आत्महत्या के किसानो के साथ अपमानजनक व्यवहार की घटना की जानकारी किसानों को दी ।  उन्होंने बताया की कृषि मंत्री ने संवेदनहीनता पूर्वक आत्महत्या किये किसानों की विधवा महिलाओं और बच्चों को मिलने के लिये लम्बा समय तक इंतजार करवाया ।  कर्जमाफी और बोनस जैसे मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी से इंकार कर दिया ।

बागबाहरा क्षेत्र के किसान मंथिर सिंह ध्रुव को फसल बीमा का मुआवजा नहीं मिलने की वजह से गंभीर आर्थिक नुकसान सहना पड़ा और उनका क़र्ज़ बढ़ गया जिसकी वजह से उन्हें आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा । लेकिन कृषि मंत्री ने बीमा मुआवजा के मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर दिया और किसान नेता पारस नाथ साहू के जवाब देने पर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार भी किया ।

छत्तीसगढ़ किसान महासंघ कृषि मंत्री के किसानों, किसान नेताओं के साथ-साथ मीडिया के साथियों के साथ भी अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा की है । किसान नेताओं ने बोनस बइठका में उपस्थित समस्त किसानों से आग्रह किया कि भाजपा सरकार के मंत्रियों के बढ़ते हुए बदतमीजी भरे व्यवहार का जवाब अब लगातार विधायक और मंत्रियों के घेराव से दिया जाये ।

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छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

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