भूजल सहित तमाम जल स्रोतों में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को माने छत्तीसगढ़ सरकार

* भूजल सहित तमाम जल स्रोतों में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को माने छत्तीसगढ़ सरकार .
* जयपाल सोनी ने लिखा पत्र प्रमुख सचिव को
**

प्रति ,
श्री अमन कुमार सिंह
प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग
एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल,
कमरा नंबर – 5/11, मंत्रालय, महानदी भवन,
नया रायपुर(छ.ग.) 492002
Email – amankumar.singh@gov.in, henv.cg@nic.in

​विषय : सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिट याचिका क्रमांक 375 वर्ष 2012 मे जारी आदेश दिनांक 22.02.2017 के अनुपालन हेतु स्मरण पत्र|

महोदय,

आपसे निवेदन है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा भूजल सहित तमाम जल स्रोतों में प्रदूषण को लेकर गैर सरकारी संगठन पर्यावरण सुरक्षा समिति की जनहित याचिका क्रमांक 375 वर्ष 2012 मे जारी आदेश दिनांक 22.02.2017 के अनुपालन हेतु पर निम्न कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु आपको निर्देशित किया था :-

1.छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर स्थित प्रत्येक औद्योगिक इकाइयों को “जिनको संचालन सम्मति की आवश्यकता होती है” सामूहिक रूप से आम विज्ञापन के माध्यम से नोटिस जारी कर तीन महीने के भीतर अपना प्राथमिक प्रवाह उपचार संयंत्र (ETP, STP, CETP) पूरी तरह से चालू करने हेतु निर्देशित करे.

2. उक्त तीन महीने की नोटिस अवधि की समाप्ति पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल प्रत्येक औद्योगिक इकाई का निरीक्षण करे एवं यह सत्यापित करे कि प्रत्येक औद्योगिक इकाई के पास संचालन सम्मति प्रदान करने के लिए आवश्यक ज़रूरी संख्या एवं क्षमता का कार्यात्मक प्राथमिक प्रवाह उपचार संयंत्र है या नही ?

3.छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, ऐसी प्रत्येक औद्योगिक इकाइयों, जो कि नोटिस की अवधि के भीतर आवश्यक ज़रूरी संख्या एवं क्षमता का प्राथमिक प्रवाह उपचार संयंत्र को पूरी तरह से चालू करने में सक्षम नहीं हैं, का संचालन सम्मति सम्मति समाप्त कर उसकी समस्त औद्योगिक गतिविधि पर रोक लगाना सुनिश्चित करे | इसके लिए संबंधित बिजली आपूर्ति और वितरण एजेंसी को ऐसी प्रत्येक औद्योगिक इकाइयों के बिजली कनेक्शन को विच्छेद करने के लिए निर्देशित करना सुनिश्चित करे .

4.छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, उक्त निर्देशो का पालन नही करने वाली सभी या किसी भी चूककर्ता के विरुद्ध सिविल या अपराधिक क़ानूनी कार्यवाही शुरू करना सुनिश्चित करे.

5.अतः माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पैरा 13 के परिपालन मे उपरोक्त निर्देशों के कार्यान्वयन, प्रगति की निगरानी और संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवश्यक निर्देश जारी करे एवं निहित निर्देशों के संबंध में आंकड़ों को एकत्र कर, केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पीठ को सौपने के साथ ही साथ जनहित मे राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के वेबसाइट मे अपलोड कर प्रकाशित करे .

उक्त आदेश के परिपालन में दिनांक ​20/03/2017 ​को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने आम सूचना जारी कर ​ ​​छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर स्थित प्रत्येक औद्योगिक इकाइयों को “जिनको संचालन सम्मति की आवश्यकता होती है” सामूहिक रूप से आम विज्ञापन के माध्यम से नोटिस जारी कर तीन महीने के भीतर दिनांक 21.05.2017 के पूर्व अपना प्राथमिक प्रवाह उपचार संयंत्र (ETP, STP, CETP) पूरी तरह से चालू करने हेतु निर्देशित किया था .

मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि उक्त आदेश के परिपालन मे मेरी जानकारी के अनुसार आपके​ ​द्वारा ऊपर उल्लेखित कंडिका 1 के अनुसार आम सूचना जारी करने के अलावा और कोई कार्यवाही नहीं की गयी है और अगर की भी गयी है तो जनहित मे राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के वेबसाइट मे अपलोड कर प्रकाशित नही की गयी है .

अत: आपसे निवेदन है कि उपरोक्त उल्लेखित कंडिका 2 से 5 में अपेक्षित कार्यवाही इस पत्र की प्राप्ति के सात दिवस के भीतर कर सुनिश्चित करे एवं राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के वेबसाइट मे प्रत्येक औद्योगिक इकाई के निरिक्षण प्रतिवेदन की प्रति, चूककर्ता औद्योगिक इकाई को बिजली, पानी या अन्य जरुरी सप्लाई बंद करने हेतु नोटिस की प्रति, चूककर्ता औद्योगिक इकाई के विरुद्ध प्रारंभ की गयी सिविल/अपराधिक क़ानूनी कार्यवाही की जानकारी,केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पीठ को प्रस्तुत निर्देशों के कार्यान्वयन, प्रगति की निगरानी और निहित निर्देशों के संबंध में आंकड़ों की जानकारी अपलोड कर सूचित करने की कृपा करे .

अन्यथा मुझे माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पैरा 15 के अंतर्गत माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने तथा पालन मे जानबूझकर विलंब करने हेतु याचिका/ शिकायत पत्र राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण केंद्रीय खंडपीठ भोपाल या अन्य सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना पड़ेगा |

संलग्न :

दिनांक 22.03.2017 को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा जारी आम सूचना की प्रति
माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश दिनांक 22.02.2017 की प्रति

प्रतिलिपी :

श्री के बी बिस्वास, अध्यक्ष केन्द्रीय भूमिजल बोर्ड, भूजल भवन, एन एच –IV, फरीदाबाद – 121001

रजिस्ट्रार, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, केंद्रीय खंड पीठ भोपाल
रजिस्ट्रार, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, नई दिल्ली

​श्री देवेन्द्र सिंह​, ​सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल,पर्यावास भवन,नॉर्थ ब्लॉक सेक्टर-19,नया रायपुर(छ.ग.) 492002​
***
आवेदक
जय गोपाल सोनी

Be the first to comment

Leave a Reply