किसान की अब दसवीं आत्महत्या : क्या किसानों की लाशें गिनते रह जायेंगे मुख्यमंत्री

 

किसान की अब दसवीं आत्महत्या : क्या किसानों की लाशें गिनते रह जायेंगे मुख्यमंत्री

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26.6.17

आज धमतरी जिले में कुरुद के निकट के ग्राम बगदेई में किसान चंद्रहास साहू ने कर्ज की वजह से आत्महत्या कर ली कर ली । इस तरह कर्ज की वजह से आत्महत्या करने वालों में वे 10 वे किसान हैं जिन्होंने विगत 15 दिनों में अपने प्राणों की आहुति दे दी है ।
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मण्डल सदस्य रूपन चन्द्राकर, पारसनाथ साहू, डॉ संकेत ठाकुर, तेजराम विद्रोही, गौतम बंदोपाध्याय ने कहा है कि हर बार की तरह प्रशासन आत्महत्या की वजह को छुपाने में लीपा पोती कर रहा है । दुर्भाग्य है कि किसानों के दर्द को दूर करने के बजाए भारतीय जनता पार्टी के नेता गण किसानों की आत्महत्या को सामाजिक समस्या बताने का षड्यंत्र रच रहे हैं । सच्चाई यह है कि किसानों की समस्या भाजपा सरकार की देन है जिसे सरकार को स्वीकार करना होगा । भाजपा ने रु 300 बोनस, रु 2100 धान का समर्थन मूल्य, स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने का झूठ वादा करके किसानों को धोखा दिया । बढ़ती लागत और घटती आय की वजह से किसानों का कर्ज बढ़ता गया । ऊपर से फसल बीमा कालाभ नहीं मिलने से किसानों की आमदनी लगाकर घटती चली गई । छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक हालत यह है कि वह कि वे केसीसी के तहत उठाया उठाया गया कर्ज वापस लौटाने की स्थिति में नहीं है ।

किसान महासंघ का प्रतिनिधि मंडल पुरषोत्तम चन्द्राकर और सुभाष साहू केे नेतृत्व में आज घटना की सूचना मिलने के बाद बगदई गया था । उन्होंने पाया कि किसान चंद्रहास साहू का यही मामला है कि वह केसीसी का पैसा वापस नहीं कर सके । सही समय पर बाजार से पैसा लेकर वापस उसे अपने खाते में लाने का जो सिलसिला चलता रहा वह रुक गया । चंद्रहास ने हिम्मत दिखाने की कोशिश की और अपने 2 एकड़ की जमीन को सिंचित करने के लिए वह खेत पर बोर कराया, लेकिन वह भी असफल हो गया । केसीसी और बाजार से कुल सवा लाख रुपए के कर्ज को नहीं छूटा पाने के कारण और अगली फसल के लिए पैसे जुटा नहीं पाने के कारण आज उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली ।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से अनर्गल बयानबाजी को बंद करने की हिदायत दी है और साथ ही डॉक्टर रमन सिंह से मांग मुख्यमंत्री से मांग है कि वह किसानों के कर्ज माफी की घोषणा अन्य राज्यों की तर्ज पर तत्काल करें । अन्यथा वे भी सिर्फ किसानों की लाशें राशि गिनते रह जाएंगे ।

छत्तीसगढ़ किसान महासंघ ने विगत दिनों बोनस बैठक के दौरान गांव-गांव में गोष्ठी कर किसानों से लगातार चर्चा की है । इस चर्चा में पाया है कि किसानों में भाजपा सरकार के प्रति आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है । उनकी बोनस, समर्थन मूल्य, मुफ्त बिजली, कर्जमाफी किसी भी मांग पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है । इससे किसानों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है जिसकी परिणीति आने वाले कुछ दिनों में रमन सिंह देखेंगे ।

डॉ संकेत ठाकुर, रूपन चन्द्राकर, पप्पू कोसरे
संयोजक मण्डल सदस्य
छत्त्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ
रायपुर
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* छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ *

कर्ज की वजह आत्महत्या करने वालों की सूची

 

1. दिनांक 11 जून, कुलेश्वर देवांगन, दुर्ग

2. 16 जून , भूषण गायकवाड़, गोपालपुर, खैरागढ़, राजनंन्दगाव

3. 17 जून रामझुल ध्रुव, लोहारा, कवर्धा

4. 22 जून मन्थीर सिंह ध्रुव, मोखा, बागबाहरा, महासमुंद

5. 24 जून हीराधर निषाद, जामगांव बागबाहरा, महासमुंद

6. 24 जून ज्ञानीराम अंडी, कांकेर

7. 24 जून सीताराम कौशिक, मोहतरा, कवर्धा

8. H25 जून कुँवरसिंह निषाद, बरसन टोला, डोंगरगांव, राजनंन्दगाव्

9. 25 जून , डेरहा, बुंदेलीकला, घुमका, राजनांदगांव

10. 26 जून चन्द्रहास साहू, बगदेही, कुरुद, धमतरी

* छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

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