खरसिया के सबसे बडे जमीन खरीददार अशोक अग्रवाल उर्फ अशोक तोता, मनीष अग्रवाल तथा संदीप अग्रवाल के नाम आदिवासी किसानों ने टीम को बताए हैं

कुनकुनी जमीन घोटाले की जांच शुरू
जांच टीम के सदस्य पहुंचे पीडि़त आदिवासियों के बीच.
600 सौ और मामलों की आई शिकायत

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रायगढ़ 22 जून। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की खरसिया विधानसभा क्षेत्र में स्थित ग्राम कुनकुनी में आदिवासियों की बेशकीमती जमीनों की कथित फर्जी खरीदी बिक्री के अलावा बेनामी रजिस्ट्री पर की गई शिकायत के बाद अनुसूचित जनजाति आयेाग की पांच सदस्यीय टीम कल देर रात रायगढ़ पहुंची और इस टीम ने बहुचर्चित कुनकुनी जमीन घोटाले की जांच के लिए जिला प्रशासन से भी दस्तावेज तलब करके संबंधित आदिवासी किसानों से मिलने भी आज ग्राम कुनकुनी पहुंच गई है। दो अरब से भी अधिक मूल्य की जमीनों की खरीदी बिक्री मामले में पहले अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय के पास शिकायत पहुंची थी और उसके बाद उन्होंने रायगढ़ की पूर्व कलेक्टर अलरमेल मंगईडी तथा पुलिस अधीक्षक बद्रीनारायण मीणा को दिल्ली तलब किया था। इसी दौरान खरसिया पुलिस ने भी आयोग के निर्देश के बाद एफआईआर दर्ज करके इसमें संबंधित जमीन खरीदने वालों को आरोपी बनाया था और अब सीधे दिल्ली से पांच सदस्यीय टीम जांच के लिए कुनकुनी पहुंचने से आदिवासियों को न्याय की उम्मीद मिली है। इससे पहले कल देर रात आयोग के सदस्य हर्षत भाई चुन्नीलाल वासवा तथा संचालक के.डी.बंसोर संचालक, आर.के.दुबे सहायक संचालक, एस.के.शुक्ला सलाहकार एवं सत्यदेव शर्मा मानद सलाहकार शामिल है और इनके पहुंचने के बाद सर्किट हाउस में रायगढ़ जिले के कई संगठनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हुई जमीनों की खरीदी बिक्री में हुए फर्जीवाडे की शिकायत करके कार्रवाई का आवेदन किया।
अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ के खरसिया विकासखण्ड स्थित कुनकुनी गांव में हुई बडे जमीन घोटाले का मामला पिछले काफी समय से अखबारों की सुर्खियां बन चुका है और अब दिल्ली से आई जांच टीम के बाद जमीन खरीददारों में हडक़ंम मच गया है चूंकि प्रदेश के सबसे बड़े कुनकुनी जमीन घोटाले का मामला विधानसभा में भी गूंज चुका है और अब सीधे अनुसूचित जनजाति आयोग मामले की जांच में लग गया है। जिसमें न केवल तेजी आई है बल्कि रायगढ़ पहुंचकर इस टीम ने यह बता दिया है कि अरबो की जमीन खरीदी बिक्री में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर संबंधित आदिवासी किसानों को अंधेरे में रखकर उनकी जमीनें खरीदी बिक्री की है। अब तक आधा दर्जन से भी अधिक कुनकुनी के किसानों से टीम ने मुलाकात करके उनके बयान दर्ज किए है साथ ही साथ यह टीम कुनकुनी के इलाके में बनाई गई रेलवे साईडिंग में भी पहुंची जो खरीदी गई जमीन पर बनाई गई है और उस जमीन में कई बडे उद्योगपति तथा खरसिया के बडे व्यापारी पाटनर है। समाचार लिखे जाने तक आयोग की टीम देर शाम तक रायगढ़ लौटने की संभावना है चूंकि यह टीम दो दिनों तक रायगढ़ में रूकेगी और इस दौरान जिले में आदिवासियों की जमीनों की फर्जी खरीदी बिक्री व बेनामी तथा रजिस्ट्री पर शासन से भी रिपोर्ट तलब करेगी।
एक जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले में कार्यरत एकता परिषद जनचेतना भेंगारी गांव के किसान, कोरबा वेस्ट के प्रभावित किसानों तथा तमनार अंचल में उद्योगों के खिलाफ लंबे अर्से से संघर्ष करते आ रहे किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने आयोग को मौखिक रूप में जानकारी देते हुए दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किया है। जिनमें 170ख का 647 मामला रायगढ का अनु जन जाति आयोग को जनचेतना रायगढ़ के तरफ से बिभिन्न उद्योगो के मामलें दिया गया एंव फजीॅ खरीदी बिक्री फजीॅ गवाहो के खिलाफ कार्यबाही की माँग की गयी हैं ये मामला तमनार घरघोडा खरसिया रायगढ़ धरमजगढ़ के हैं जिसमें आयोग कार्यवाही करने को को कहाँ हैं जनचेतना रायगढ की तरफ से राजेश त्रिपाठी सविता रथ एवं रमेश अग्रवाल ने मुलाकात की वहीं आयोग के सदस्यों ने कुनकुनी जमीन घोटाले की जानकारी भी प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिस से तलब की है।
बयान में आए तीन बडे नाम
अनुसूचित जनजाति आयोग की पांच सदस्यीय टीम ने जब ग्राम कुनकुनी पहुंचकर अपनी जमीन बेचने वाले आदिवासी किसानों के बयान दर्ज करना शुरू किया तो इस बयान में खरसिया के सबसे बडे जमीन खरीददार अशोक अग्रवाल उर्फ अशोक तोता, मनीष अग्रवाल तथा संदीप अग्रवाल के नाम आदिवासी किसानों ने टीम को बताए हैं कि इन लोगों ने ही जमीन के सौदे मृतक जयलाल के अलावा अन्य किसानों के साथ किए थे। अभी 20 से अधिक किसान के बयान दर्ज हो चुकें है और ग्राम कुनकुनी के पंचायत भवन में आयोग की टीम बातचीत करके और भी बयान दर्ज करने में लगी है।**

राजेश त्रिपाठी की रिपोर्ट

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