** मैनपाट के रिजर्व फारेस्ट में माईनिंग का विरोध, जसुनवाई में ग्रामीणों ने किया   भारी प्रतिरोध .
 ** छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन सहित सामाजिक संगठनों ने दर्ज कराई आपत्ति .
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नई दुनियाँ / छत्तीसगढ़   के रिजर्व फोरेस्ट में बाक्साईट खनन   का विरोध शुरु हो गया है
 मैनपाट के कुदरीडीह में राज्य सरकार ने बाक्साईट खनन की अनुमति प्रदान की है । खनन विस्तार की अनुमति के लिये पर्यावरणीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया था।
 जिसका  ग्रमीणों सहित सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध किया गया,छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला ने  बताया कि पर्यावरण आंकलन रिपोर्ट स्थानीय भाषा में उपलब्ध नहीं कराई गई और शुक्ला ने आरोप लगाया का कंपनी ने तथ्यों को छुपाया है और  परियोजना स्थल के बिल्कुल नजदीक तिब्बतियों का प्रसिद्धि धार्मिक स्थल और जलजला
 वाटरफाल एवं कुदमता रिज़र्व फारेस्ट लगा हुआ हैं।
लेकिन कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में रिज़र्व फारेस्ट को एक किलोमीटर दूर बताया है .
कंपनी  बाक्साइट खनन की क्षमता .75 मिलीयन टन  से बढाकर 2.25  मिलीयन टन करने जा रही हैं
घुनघुट्टा नाला जिसके प्रभाव  में केसरा और कुदारीडीह ब्लॉक आता है
 प्रस्तावित खनन से उसका अस्तित्व खतम हो जायेगा बाक्साईट खनन से भूमिगत जल श्रोत खतम होता है और इससें  पीने और अन्य निस्तारी पानी के प्रदूषित होने की संभावना बनी रहती हैं। आलोक शुक्ला और रिनचिन ने बताया कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट में हाथियो की उपस्थिति की कोई जानकारी नहीं दी गई है ,जबकि यह पूरा क्षेत्र हाथियो के आने जाने का है।
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