जामिया गोलीकांड: पुलिस ने नहीं की मदद, शादाब को बैरिकेड फांदकर जाना पड़ा अस्पताल

फ़ोटो सौजन्य : आज तक

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गुरुवार को दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से राजघाट तक मार्च के दौरान एक शख्स ने भीड़ पर फायरिंग की. इस फायरिंग में मास कम्युनिकेशन का छात्र शादाब घायल हो गया. शादाब को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है.

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पुलिस ने बैरिकेड नहीं हटाया, फांदकर जाना पड़ा अस्पताल

इस घटना के बाद शादाब की दोस्त आमना ने मीडिया से कहा, “हम लोग पुलिस से मदद मांग रहे थे लेकिन हमें कोई मदद नहीं मिली. यहां तक कि शादाब को बैरिकेड फांद कर होली फैमिली अस्पताल में जाना पड़ा. उसके बाएं हाथ में जख्म है. उसके हाथ में गोली लगी है”. शादाब के एक और दोस्त मिलन ने कहा, “शादाब को हाथ में गोली मारी गई. एक गोली उसके शरीर में फंसी है. अस्पताल में उसका सीटी स्कैन कराया गया है”.

अपने ऊपर लग रहे आरोपों कि सफाई मे बीबीसी से बात करते हुए दिल्ली पुलिस ये कहती नज़र आई कि इस मार्च कि अनुमति नहीं थी फिर भी लोगों ने मार्च निकाला। मानो ऐसा कह रही हो कि हमने तो माना किया था, अब देखो लग गई ना गोली।

पुलिस ने ये भी कहा कि गोली लाग्ने के बाद शादाब को तुरंत अस्पताल मे भर्ती कराया गया। लेकिन तसवीरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से पुलिस का ये झूठ भी साफ़ पकड़ मे आ गया।

ANI के मुताबिक

दिल्ली पुलिस के सूत्रों से पता चला है कि जामिया इलाके मे CAA NRC को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने वाल व्यक्ति की पहचान 19 वर्षीय राम भगत गोपाल के रूप में हुई है वो गौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश के जेवर इलाके का रहने वाला है

हमलावर के फ़ेसबूक प्रोफ़ाइल की जाँच

वीडियो क्रेडिट : इंडिया टाइम्स

यूट्यूब चैनल इंडिया टाइम्स का ये वीडियो देखिए। इसमे हमलावर के फ़ेसबूक प्रोफ़ाइल की जाँच की गई है। अपने फ़ेसबूक पर ये हमलावर ऐसे विडियो और पोस्ट डालता रहा है जिससे उसकी और हमले के लिए उसकी प्रेरणा कहां से आई इसका इशारा मिलता है।

Anuj Shrivastava

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