मकान तोड़ने वाले सरपंच पर लंबे समय से कार्यवाई नही हुई तो सर्वआदिवासी समाज ने 7 घंटे तक किया प्रदर्शन

बालोद . आदिवासियों की बात नहीं सुनने और उनकी मांगों को पूरा नहीं करने से सोमवार को उनका गुस्सा उबल पड़ा । उन्होंने सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले जिला मुख्यालय में 7 घंटे तक प्रदर्शन किया । इसमें लगभग दो घंटे तक दल्ली चौक पर चक्काजाम भी शामिल है । जिला प्रशासन से अपर कलक्टर एके बाजपेयी और एसडीएम सिल्ली थॉमस मौके पर पहुंचे और एक सप्ताह के भीतर उनकी मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया । तब समाज के लोगमाने और आंदोलन को समाप्त किया । प्रशासन आदिवासियों की मांगों को हल्के में ले रहा था ,

जिससे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा और प्रशासन को झुकना पड़ा सर्व आदिवासी समाज का प्रदर्शन बस स्टैंड में सुबह 11 बजे से शरू हुआ दोपहर तीन बजे उन्होंने रेली निकाली । रैली को पुरूर – मानपुर नेशनल हाइवे के दल्ली चौक पर रोक दिया गया इससे नाराज होकर समाज के लोग वहीं धरने में बैठ गए यहां लगभग दो घंटे तक जाम चला इस दौरान आदिवासी समाज के सदस्य का घर तोड़ने वाले कन्नेवाड़ा सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की समाज का जिला मुख्यालय में इस साल का सबसे बड़ा प्रदर्शन था । इसके बाद प्रशासन ने मामले को सुध ली और मामले को निपटाने का आश्वासन दिया ।

ये हैं प्रमुख मांग

सर्व आदिवासी समाज ने अपने चार प्रकरण को लेकर कलक्टर को मांग पत्र सौंपा था । तहसील कार्यालय में भी मांग पत्र सौंपा एक बार जिला मख्यालय में आंदोलन भी किया लेकिन उनकी मांगों पर कोई पहल नहीं हुई पहली मांग है क नेवाड़ा के जगमोहन सोरी को न्याय दिलाने की ग्राम पंचायत के सरपंच ने अतिक्रमण बताते हुए उनका मकान 18 जून को तोड़ दिया था । जबकि जमीन का उनके तीनों भाई के नाम पर पट्टा है । आदिवासी समाज ने पलिस और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की थी साथ ही क्षतिपूर्ति राशि की मांग की थी ।

पत्रिका से…

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