दंतेवाड़ा – सुकमा में फर्जी मुठभेड़ कर ग्रामीणों को मारने का आरोप

पुलिस ने शानिवार को पाँच माओवादीयों का मारने दावा किया था

जगदलपुर . राज्य पुलिस शनिवार को दंतेवाड़ा और सुकमा के अलग – अलग मुठभेड़ों में जिन पांच माओवादियों को मारने का दावा कर रही थी , उनपर सवाल खड़े हो गए हैं । मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से बातचीत के बाद इन मुठभेड़ों पर फर्जी होने का आरोप लगा दिया है । उनका कहना है कि पुलिस ने माओवादियों के नाम पर बेकसूर ग्रामीणों को मार डाला है । मानवाधिकार कार्यकर्ता बेला भाटिया , सोनी सोढ़ी , लिंगाराम कोडोपी और हिडमे रविवार को दंतेवाड़ा के गुमियापाल गांव पहुंचे । उन्होंने ग्रामीणों से बात की । बाद में बेला भाटिया और सोनी सोढ़ी ने बताया , गांव के पांच – छह लोग स्कूल के पास बैठे थे । वहां पहुंचेसुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें पकड़ लिया और पीटने लगे । वे लोग उन्हें अपने साथ ले जाने लगे लेकिन कुछ लोग किसी तरह भाग निकले । पकड़ से नहीं निकल पाए पोदिया सोरी और लच्छू मंडावी को जवानों ने रास्ते में मार दिया । बाद में उन्हें पांच लाख का ईनामी माओवादी बता दिया । आरोप है कि पुलिस ने अर्जुन नाम के एक युवक को पकड़ रखा है । सोनी नी सोढ़ी ने कहा , वहां मुठभेड़ जैसा कुछ नहीं हुआ है , बल्कि दो युवकों की हत्या हुई है । उन्होंने एफआईआर दर्ज करने और हिरासत में रखे गए युवक को रिहा करने की मांग की है । इधर सुकमार के चिंतलनार के पास हुई मुठभेड़ के बारे में कोत्तागुड़ा पारा के लोगों ने कहा , वे उनके गांव के सामान्य लोग थे , जो नवाखानी के त्यौहार पर पारंपरिक शिकार पर निकले थे । ग्रामीणों का कहना है कि एक सूअर को मारकर वापस लौटते समय पुलिस ने उनपर बिना सोच – समझे गोली चलाई । इस गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई । एक युवक घायल होकर गांव पहुंचा था । गांव के लोग डर के मारे उसका इलाज नहीं करा पा रहे थे । रविवार को वे लोग किसी तरह हिम्मत कर उसे चिंतलनार ले गए । वहां उसका इलाज चल रहा है । ग्रामीणों का दावा है कि इस शिकार के लिए उन लोगों ने चिंतलनार थाने से मौखिक अनुमति ली थी ।

पुलिस का दावा, नही हुई कोई गलती

पुलिस अफसरों का कहना है कि इस मामले में उनके जवानों से कोई गलती नहीं हुई । मारे गए लोग ईनामी माओवादी थे । एसआईबी के डीआईजी पी सुंदर राज ने कहा , सुकमा के चिंतलनार और दंतेवाड़ा के गुनियापाल में हुए मुठभेड़ पर लग रहे आरोप गलत हैं । मारे गए माओवादियों की शिनाख्तस्थानीय लोगों ने ही की है । उनके पास से फोर्स ने हथियार भी बरामद किया है । सुकमा एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि माओवादियों ने शनिवार शाम दोरनापाल – जगरगुंडा मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी थी । इसके बाद बुरकापाल कैंत्र से डीआरजी की पार्टी भेजी गई मुकरम नाला व गड़गड़मेटा की ओर माओवादियों ने उन पर फायर किया जवानों ने ताशेठला जंगल तक उनका पीछा किया वहां माओवादियों ने फिर फायरिंगकी जवाबी फायरिंग में तीन माओवादी मारे गए वहां से इंसास राइफल और तीन भरमार बंदूकें मिली हैं ।

पत्रिका से ..

Anuj Shrivastava

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