लड़की की अभिरक्षा का मामला पहुँचा सुप्रीमकोर्ट , 2 को सुनवाई

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पत्रिका

बिलासपुर . लड़की की अभिरक्षा को लेकर माता – पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है । उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए लड़की को अपनी अभिरक्षा में दिए जाने के लिए एसएलपी लगाई है । इस मामले की सुनवाई 2 सितंबर को होगी । याचिकाकर्ता ने अपनी लड़की की मनःस्थिति ठीक नहीं होने का हवाला दिया है । बड़ी बहन की अभिरक्षा को लेकर छोटी बहन की चिट्ठी पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है । सीजे पीआर रामचंद्र मेनन की डबल बेंच ने 22 जुलाई को मामले की सुनवाई में लड़की से मुलाकात कर उसकी मंशा पूछी थी । माता – पिता के साथ जाने की बजाय कथित पति के साथ रहने की इच्छा जताने पर कोर्ट ने सहमति प्रदान कर दी कथित पति के जेल में होने पर उसे सखी सेंटर में रखने के निर्देश दिए थे । हाईकोर्ट के इस आदेश को लकड़ी के माता – पिता ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है । वहीं गुरुवार को इस मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर होने व 2 सितंबर को सुनवाई किए जाने की जानकारी दी गई । इसके बाद हाईकोर्ट में मामले की आगामी सुनवाई 11 सितंबर को नियत की है ।

छोटी बहन ने भी लगाई गुहार : धमतरी निवासी अशोक जैन की छोटी पुत्री ने हाईकोर्ट में पत्र लिख कर बताया कि उसकी बड़ी बहन अंजलि जैन को पुलिस उठाकर ले गई
है। दीदी की तबीयत खराब रहती है , उसकी रक्षा करें व घर भेजने की व्यवस्था करें । उक्त पत्र पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने शासन को नोटिस जारी कर लड़की को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया 22 जुलाई को लड़की को कोर्ट में पेश किया गया । सीजे ने अंजिल से मुलाकात कर उसका बयान लिया और पूछा कि वो माता – पिता व इब्राहिम में से किसके साथ रहना चाहती है । अंजलि ने सीजे को बताया कि वो बालिग है और अपने और अपने माता – पिता के साथ नहीं रहना चाहती । उसके इकबालिया बयान के बाद कोर्ट ने उसकी राय को सर्वोपरि मान माता – पिता को कस्टडी नहीं दी व सखी सेंटर भेजने का निर्देश दिया । साथ ही दो सप्ताह के बाद सोच – समझकर एक बार फिर से बताने को कहा ।

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी लगी : इस मामले में अंजलि के पिता अशोक जैन ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी लगाई थी । याचिका में बताया गया था कि उनकी पुत्री अंजलि जैन रायपुर में बीबीए की पढ़ाई कर रही थी । मो . इब्राहिम सिद्दिकी ने उनकी लड़की को बहला – फुसलाकर शायद प्रेम विवाह कर लिया है । लड़की मन : रोग से पीड़ित है । निर्णय लेने में सक्षम नहीं है , लिहाजा उसे माता – पिता की कस्टडी में रहने की अनुमति दी जाए इस पर हाईकोर्ट ने उसे घर ले जाने का आदेश दिया था । लड़की अपने माता – पिता के साथ धमतरी में रह रही थी । इसी बीच अंजलि के फोन से प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को मैसेज कर बताया गया कि घर में उसकी जान को खतरा है , उसे यहां से निकाला जाए ।

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