नदी पारकर 3 किमी जंगल में बाइक से पहुँचे इलाज करने

कोरबा : मोरगा में पदस्थ डॉक्टर ने पेश की मिशाल

पत्रिका ब्यूरो

कोरबा . कुछ लोगों के लिए सरकारी नौकरी का मतलब सिर्फ 9 से पांच की ड्यूटी नहीं होती । कुछ ऐसी ही मिसाल जिला मुख्यालय से 120 किमी दूर नेशनल हाइवे के किनारे स्थित मोरगा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में असिस्टेटनाव मेडिकल ऑफीसर के पद पर पदस्थ अतुल कुमार सिंह और स्टॉफ जितेन्द्र थवाईत ने पेश की बता दें कि इनके पास करीब दो दर्जन ग्राम पंचायत के लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी है । मोरगा से सरगुजा बार्डर पर एक ग्राम पंचायत है साखो ।

      अमुमन साखो ग्राम पंचायत के लोग अपना इलाज करने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आते हैं , लेकिन अगस्त के पहले पखवाड़े में हुई बारिश के बाद से ही हसदेव नदी ऊफान पर है । यहां ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है । उनके लिए आने जाने के लिए एकमात्र सहारा नाव है । डॉक्टर अतुल को जानकारी मिली थी कि गांव में कुछ बच्चे व महिलाएं मौसमी बीमारी के चपेट में आ गए हैं , लेकिन ग्रामीण नदी की बाढ़ के चलते इलाज कराने नहीं आ पा रहे हैं । ऐसे में डॉक्टर अतुल अपने स्टॉफ जितेन्द्र थवाइत के साथ बारिश के बीच नाव में बाइक रखकर उफनती नदी को ढाई घंटे में पार किया फिर तीन किमी बाइक से जंगल के रास्ते से गांव तक पहुंचे इन्होंने वहां हेल्थ कैंप लगाया और चेकअप करने के बाद मरीजों को दवाइयां भी दीं ।

आए दिन नदारद रहने वाले चिकित्सकों के लिए सीख

दुसरे डॉक्टरों के लिए सीख है जो शहर में रहने के बाद भी समय से नहीं पहंचते हैं और जल्दी घर चले जाते हैं । लेकिन वहीं दूरदराज क्षेत्रों में चुनौती के बीच कई डॉक्टर आज भी पूरी कर्तव्य निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं ।

CG Basket

Next Post

झारखंड में 133 योजनाएं फिर भी आत्महत्या क्यों कर रहे हैं किसान

Mon Aug 26 , 2019
झारखंड में किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं को मिलाकर कुल 133 योजनाएं चल रही हैं, आखिर […]