गुरु रविदास मंदिर तोड़े जाने के विरोध में बुधवार को पूरे देश में विरोध .

दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में गुरु रविदास मंदिर तोड़े जाने के विरोध में बुधवार को रामलीला मैदान में देश के अलग -अलग हिस्सों से आए सारे शोषित-पीड़ित वंचित दलितों ने एक विशाल प्रदर्शन किया ।
जिस जगह में बने मंदिर तोड़ा गया है ,उस जगह को इब्राहिम लोदि ने 600 वर्ष पूर्व जमीन दी, पूरे लोदी वंश और मुगल वंश के समय से मंदिर सुरक्षित रहा ।उसे तोड़ने की इजाज़त दी गयी है।
ऐसे तानाशाही दमन नीतियों के खिलाफ GSS विरोध करता है और देश भर से आए लोगों का आह्वान को पुरजोर समर्थन ,हार्दिक अभिनंदन करते है,
गुरुघासीदास सेवादार संघ[GSS] पहले से कहते आया है और अब भी कह रहा है कि;भाजपा RSS का नीति रहा है कि ,दलितों शोषितों का किसी भी प्रकार से कोई इतिहास नहीं रहना चाहिए इसी दमन नीति के तहत ओ काम कर रहा है हम उंसके इसी दमन नीति के खिलाफ है ।जिस प्रकार से वर्तमान शोकाल गुरु-महंत आरएसएस के नीतियों का समर्थक बने हुए है और यही शोकाल गुरु ,महंतो ने जिस प्रकार गुरुघासीदास द्वारा अपने हाथों से सतनाम गुरुद्वारा बनवाया था,उसे संरक्षित रखने के बजाय नस्ट विनष्ट किया उस सतनाम गुरुद्वारा का खोज खभर लेने वाला आखिर कौन है–? कहा है ओ लोग उस ऐतिहासिक सतनाम गुरुदावारा जगह को पता करने वाले लोग-? आज उन गुनहगारों को सह देने वालें लोग चुप क्यों है ? इसी दमन नीति के खिलाफ GSS आज आह्वान करता है कि जो लोग दलितों शोषितों ,वंचितों के धरोहरों भूमि सम्पत्तियों व उनके महापुरषों के इतिहास को दबाने ,नष्ट करने ,तोड़ने का काम कर रहें है उसका GSS विरोध करता है ,और आगे भी करता रहेगा ।

● निश्चित जानकारी के लिए कृपया नीचे दिए गए छाया चित्र का अवलोकन करें

     जय जनतंत्र ,जय संविधान

       एम .डी. सतनाम 
   केंद्रीय संगठक (GSS )

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