पीएम रिपोर्ट व चालान देने से पुलिस ने कर दिया इनकार , वकील का लिया सहारा तो परिजनों को सौंपा

पत्रिका न्यूज

बिलासपुर . बाल संप्रेक्षण गृह में 26 जुलाई की रात किशोर की फांसी पर लाश मिलने के मामले में दो दिन पूर्व परिजन पीएम रिपोर्ट और जिस मामले में मृतक को जेल भेजा गया था उसके चालान की कॉपी की मांग की । पुलिस ने पहले चालान पटाने और सूचना के अधिकारी के तहत दस्तावेज मांगने का हवाला देकर दस्तावेज नही दिए । दो दिनों तक चक्कर काटने के बाद परिजन अधिवक्ता के साथ 2 दस्तावेज लेने पहुंचे तो पुलिस कर्मी अपनी ही बातों में फंस गए परिजनों को पीएम रिपोर्ट व चालान की कॉपी पुलिस को देनी पड़ी वहीं परिजनों ने मामले की जांच रिपोर्ट व कार्रवाई की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी से मांगी है । अशोर नगर सरकंडा निवासी 17 वर्षीय किशोर को चोरी के मामले में गिरफ्तार करने के बाद 19 जुलाई को सरकंडा पुलिस ने केन्द्रीय जेल भेज दिया था । परिजन किशोर से मिलने बाल संप्रेक्षण गृह गए तब उन्हें पता चला कि उनका बेटा वहां नहीं है । किशोर के परिजन सरकंडा थाना पहुंचकर बेटे के संबंध में जानकारी ली तब पुलिस कर्मियों ने उसे केन्द्रीय जेल भेजने की जानकारी दी थी । परिजनों ने किशोर का आधार कार्ड व स्कूल के सर्टिफिकेट दिखाए तब पुलिस कर्मी सकते में आए और कोर्ट में आवेदन देकर किशोर को जेल से संप्रेक्षण गृह में26 जुलाई की रात शिफ्ट किया था किशोर को संप्रेक्षण गृह के 46 बच्चों के अलग बाथरूम से लगे चेंजिंग रूम ( टॉर्चर रूम ) में सोने भेजे दिया था 27 जुलाई को सुबह किशोर की लाश रौशनदान में तकिए की कव्हर के पुंदे से लटकती मिली थी । मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया था । वहीं कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षिका अनुराधा सिंह को हटाते हुए कार्यपालक दंडाधिकारी एआर टंडन को 1 महीने में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे मामले में दंडाधिकारी जांच जारी है ।

मामले में अब तक की गई कार्रवाई व जांच रिपोर्ट परिजनों ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी से मांगी

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

मृतक किशोर के माता पिता ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस . छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को पोस्ट से शिकायत मेजकर बेटे की मौत के मामले में दोषी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है । साथ ही परिजनों ने मामले की जांच कर रहे कार्यपालक दंडाधिकारी को आवेदन कर घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह में मृतक को फांसी से उतारे जाते समय और पीएम के दौरान की गई वीडियो ग्राफी व फोटोग्राफ की मांग की है ।

चक्कर कटवाने के बाद दी रिपोर्ट

8 अगस्त को किशोर के परिजन बेटे की मौत के बाद पीएम रिपोर्ट और 19 जुलाई को जेल भेजे गए प्रकरण के चालान की कॉपी की मांग करते हुए सरकंडा थाने गए थे । सरकंडा पुलिस ने परिजनों को 5 दिनों के भीतर चालान वपीएम रिपोर्ट लेने पहुंचने पर तत्काल रिपोर्ट देने और इसके बाद रिपोर्ट नहीं देने की जानकारी दी । परिजनों को पुलिस ने सूचना के अधिकार व चालान पटाने के बाद दोनों रिपोर्ट मिलने की बात कहकर थाने से भगा दिया था । दूसरे दिन परिजन फिर से रिपोर्ट लेने गए तो पुलिस कर्मियों ने पुरानी बातें दोहराई देर शाम परिजन अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला के साथ थाने पहुंचे अधिवक्ता ने पुलिस कर्मियों को नियमों का पाठ पढ़ाया इसके बाद सकते में आए पुलिस कर्मियों ने परिजनों को पीएम रिपोर्ट व चालान की कॉपी सौंप दी

महिला एवं बाल विकास अधिकारी से मांगी जानकारी

परिजनों ने मामले में बेटे की मौत के बाद की गई कार्रवाई व जांच रिपोर्ट की मांग महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी से मांगी है । परिजनों ने अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए 4 दिनों में की गई जांच और रिपोर्ट की जानकारी दस्तावेज सहित मांगी है ।

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