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यह कहानी नहीं हकीकत हैं। ऐसे ही कहानियों से शायद किसी संगठन या क्रांति को बढ़ावा मिलता हैं

लिंगा राम कैडोपी की रिपोर्ट ,बस्तर कोया टाईम्स के लिये

बस्तर संभाग के दन्तेवाड़ा जिला व सुकमा जिले की छोर में एक गांव हैं, यह गाँव कोंडासवाली के नाम से जाना जाता हैं, और माओवाद संगठन से प्रभावित हैं।

28 नवम्बर 2018 दिन बुधवार कोंडासवाली गाँव के लोगों ने मुझे व बेला भाटिया को पोटाली बजार में बुलाया और अपनी व्यथा सुनाई।

व्यथा में गाँव के कई ग्रामीणों के साथ C.R.P.F. के जवानों द्वारा मारपीट हुई थी।इस मारपीट में कवासी बुधरा पिता नंदा का पुरा शरीर काला पड़ गया था, बुधरा के साथ – साथ मड़कम कोसा / केसा का इस मारपीट में हाथ टूट गया था। इन गाँव वालों के अलावा कुंजाम जोगा / मंगड़ू ,कुंजाम हूँगा/मंगडू, कुंजाम मंगडू/नंगा, मड़कम जोगा/भीमा, इस गाँव में C.P.F. के जवान को धान काटने वाला हँसिया को लेकर जाने से एक महिला मड़कम हिड़मे/बंडी के मना करने पर उसकी भी पिटाई हुई थी।

गाँव मे काफी लोगों के साथ मारपीट होने पर मुझे बेलाभाटिया के लिए हिन्दी अनुवाद करना मुश्किल हो रहा था, मैंने गाँव के ही एक युवक माण्डवी बुधराम/ सोमडू (23) को बेलाभाटिया को हिन्दूअनुवाद कर बताने को कहा। मैंने अनुवाद का कुछ वीडियो लिया हुआँ था।

गाँव वालों की व्यथा सुनकर बेलाभाटिया ने गाँव वालों की ओर से न्यायालय में पैरवी कर जिला सुकमा व जिला दन्तेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र भेजा। इन दोनों जिलो के पुलिस विभागों ने इस अपराध पर क्या कार्यवाही किया पता नहीं।
आज कोंडासवाली गाँव की परिस्थिति ठीक हैं, लेकिन बेलाभाटिया को जिस युवा ने हिन्दी अनुवाद कर गाँव की व्यथा बताने में मदद किया था, उस युवा बुधराम के पीछे C.R.P.F के जवान हाथ धोकर मारने के लिए पीछे पड़े हैं।

बुधराम मण्डावी ग्राम कोंडासवाली के डोरापारा, थाना जगरगुंडा , जिला सुकमा छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी हैं।

इस युवा को 06/06/2019 से आज तक C.R.P.F. परेशान कर रही हैं। बुधराम बताता है की 6 जून को सुबह 11 बजे घर के छत की छवाई कर रहा था, तबी जोड़ा नाला C.R.P.F. कैम्प के जवानों ने युवक को घर के छत से उतार कर जान से मारने की धमकी दिया और कहा कि छुपने की कोशिश करेगा छुप नहीं पायेगा।

युवा बुधराम 6 जून से आज तक C.R.P.F. के जवानों से अपनी जान बचाते जंगल में ही रह रहा हैं। युवक मदद मांगने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी के पास 05/07/2019 को आया हुआ था लेकिन युवक की मदद नहीं हो पायी हैं।

सोनी सोरी ने बस्तर रेज पुलिस महानिदेशक I.G. पोल को फोन किया व इस विषय को लेकर मिलने का समय भी लिया, अधिकारी ने मिलने का समय तो दिया लेकिन पीड़ित परिवार मिलने के दिन नहीं पाया हम पुलिस अधिकारी से पीडितों को मिलवाने को लेकर इन्तजार करते रहे। उस युवक की आज तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हैं। हो सकता हैं युवक माओवाद के पास चला गया हो।

कोंडासवाली गाँव की यह कोई पहली घटना नहीं हैं। इस गाँव के कर्रेपारा, कमरगुड़ा, परला गट्टा, व कोंडासवाली, इन पाराओं में 2006- 2007 में 4 आदिवासीयों की हत्या व कई घरों को पुलिस फोर्स और सलवा जुडूम के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया गया था।

इस घटना का प्रकरण राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी चला था और इसकी पैरवी सुधा भरदध्वज ने किया था। आयोग ने पीड़ित आदिवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा मुआवजा देने का आदेश राज्य को दिया था। आदिवासियों ने मुआवजा लेने से इन्कार कर दिया था।

बस्तर संभाग के खबरों के लिए पड़ते रहिए, (बस्तर कोया टाईम्स)

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