हिरोली ग्राम सभा मामला : ग्रामीणों ने कहा पहले सचिव आये गांव और सबके सामने दे बयान.: बयान दर्ज करवाने के लिए एसडीएम कोर्ट नहीं पहुंचे ग्रामीण. आज होने थे बयान .

आज एसडीएम कोर्ट में पंचायत सचिव व ग्रामीणों का होना था बयान दर्ज .

पत्रिका न्यूज

गीदम / किरंदुल / बचेली

एनएमडीसी के डिपाजिट नंबर 13 के खदान के विरोध में हिरोली ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने सचिव पर फर्जी ग्राम सभा करने का आरोप लगाया था । और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की थी कि हिरोली ग्राम पंचायत के सचिव को सामने लाया जाए और हिरोली ग्राम मे ही सचिव का बयान सभी के समक्ष दर्ज हो । शासन प्रशासन द्वारा हिरोली में ही ग्राम सभा कराई गई परंतु पंचायत सचिव के नहीं आने के कारण ग्राम सभा को निरस्त करना पड़ा था ।

इसके पश्चात एसडीएम ने पंचायत सचिवव ग्रामीणों को 12 जुलाई को एसडीएम कोर्ट में हाजिर होने का नोटिस दिया गया था । और आज फर्जी ग्राम सभा के मामले में सचिव के सामने ग्रामीणों का जिला मुख्यालय स्थित एसडीएम कोर्ट जांच व बयान होना था । परंतु हिरोली का एक भी ग्रामीण बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंचा । इस विषय में तहसीलदार पुष्पराज पात्रे ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस ग्राम सभा की बैठक के लिए जिला मुख्यालय में पूरी तैयारी की है और ग्रामीणों को उनके ग्रामों से मुख्यालय की ओर लेने और छोडने के लिए जिला प्रशासन और एनएमडीसी प्रबंधन के द्वारा वाहनों की भी व्यवस्था किया गया है । जिसमें 3 बस और दो एंबुलेंस शामिल हैं । एनएमडीसी चेक पोस्ट के पास हमारी टीम की मॉनिटरिंग में ग्रामीणों को लाने के लिए पूरी तैयारी की गई हैं । लेकिन संयुक्त पंचायत संघर्ष समिति की ओर से लेटर जारी कर दंतेवाड़ा मुख्यालय नहीं जाने का एसडीएम दंतेवाड़ा को आवेदन सौपा गया है और उनके द्वारा यह मांग की गई है कि जब तक हिरोली पंचायत सचिव बसंत नायक हीरोली ग्राम पंचायत नहीं आएंगे तब तक हम यह ग्राम सभा से संबंधित बैठक में उपस्थित नहीं होंगे । उन्होंने बताया कि प्रशासन ने हिरोली के सभी 465 मतदाताओं को नोटिस देकर बयान दर्ज करवाने बुलाया था । परंतु कोई भी ग्रामीण अपना बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा । सभी ग्रामीण हिरोली गांव में ही अपना बयान दर्ज करवाने की बात पर अड़े रहे ।

इन सबके बीच हिरोली के पंचायत सचिव बसन्त नायक अपना बयान दर्ज करवाने एसडीएम कोर्ट पहुंचे । उन्होंने कहा कि वो हिरोली गाँव में सुरक्षा कारणों से बयान नहीं दे सकते है जिसका आवेदन उन्होंने एसडीएम को दिया है । दंतेवाड़ा एसडीएम नूतन कंवर ने बताया कि नोटिस देने के बाद भी हिरोली से कोई भी ग्रामीण अपना बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंचे । जिसके कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो सका ।

**

CG Basket

Next Post

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों एवं आंगनवाड़ियों में अंडा देने के लिए जन संगठनों द्वारा मांग छत्तीसगढ़ में बच्चों में कुपोषण की स्थिति अति गंभीर है .

Sat Jul 13 , 2019
अधिकारिक सर्वेक्षणों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 38 % बच्चे कुपोषण से पीड़ित हैं ( NFHS – 4 ) | अनुसूचित […]

You May Like