23 जुलाई 2019 दिन मंगलवार अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) पेण्ड्रारोड में धरना.
छत्तीसगढ़ किसान सभा
प्रदर्शन समय 12 बजे से सायं 4 बजे तक.

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जल , जंगल , जमीन खनीज व अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर वनो में रहने वाले अपनी आजीविका के लिए वनों पर आश्रित आदिवासीयों और ग्रामीण का पहला हक है , वनाधिकार कानून इसी अधिकार को मान्यता देने के लिए बनाया गया था लेकिन राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने इसे ईमानदारी से लागू नही किया गया और केन्द्र में मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार तो इस कानून के पक्ष में ही नहीं थी वह इस कानून को निष्प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है , और वन अधिनियम 1927 में ऐसे संसाधन करना चाहती है जिससे कि वनो में रहने वाले लोगो को आसानी से बेदखल किया जा सके ।

आदिवासीयो और ग्रामीण को जंगलो से भगाने के लिए भाजपा सरकार वन कर्मचारियो को हथियार तक देना चाहती है सरकार की इस मुहिम का एकमात्र मकसद है कि हमारे जंगलो को मुनाफा कमाने के लिए देशी – विदेशी पूंजीपतियो और कॉपरेटो को सौप दिया जाएं ।

विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने वनाधिकार कानून लागू करने का वादा किया था लेकिन अब तक वह टाल – मटोल कर रही है सत्ता में आने के सात माह बाद भी इस कानून को लागू करने के नियम तक नहीं बना पाई है । 24 जुलाई को बेदखली के मुद्दे पर फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है यदि वनो से बेदखली होती है तो छत्तीसगढ़ में 25 लाख आदिवासीयो का जीवन संकट में पड़ जायेगा , क्योकि उनके पास सरकार के निकम्मेपन के कारण भूमि अधिकार पट्टा नही है सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्प्रभावी करने के लिए मोदी सरकार ने आदिवासियों के पक्ष में अध्यादेश लाने से इंकार कर दिया है हम यह घोषणा करते है कि जंगल जमीन हमारी है और हम इसे नहीं छोड़ेगे चाहे सरकार हमें भगाने के लिए कितना भी जोर लगा ले यही नही भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जिन किसानो से जमीन छीनी गई है उन्हें भी वापस करने से यह सरकार इंकार कर रही है जबकि हमारी वर्षों पूर्व अधिग्रहित जमीन पर अभी तक कोई परियोजना नही लगी है ।tu

हाल में ही केंद्र सरकार ने धान , दलहन – तिलहन को जो समर्थन मूल्य घोषित किया है वह इनके उत्पाद लागत की भी भरपाई नही करती स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार किसानो को फसल की सी – 2 लागत मूल्य का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में मिलना चाहिए सी – 2 फामूले के अनुसार धान की लागत 2100 रूपये प्रति क्विटल बनती है और इसका डेढ़ गुना 3150 रूपये समर्थन मूल्य के रूप में मिलना चाहिए लेकिन किसानो को 1340 रूपये और 45 % कम दिया जा रहा है यदि महंगाई का गणना में लें तो इस वर्ष घोषित समर्थन मूल्य पिछले वर्ष में दिए गए मूल्य से भी कम बैठता है ।

केन्द्रीय बजट से किानो को आशा थी कि भाजपा अपने चुनावी वादो पर अमल करेगी लेकिन किसानो को न समर्थन मूल्य मिला और न ही कर्ज मुक्ति से राहत बल्कि किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती हो गई है । और खेती – किसानी में किए जाने वाले सार्वजनिक निवेश को घटा दिया गया है इससे कृषि संकट और बढ़ेगा तथा खेती किसानी में ज्यादा घाटे में जाएगी गांव , गरीब , किसान का नारा देने वाली भाजपा सरकार का यही हकीकत है किसान भूखे मर रहे है और उनको बचाने वाला कोई जतन यह सरकार नहीं कर रही है .यहां तक मनरेगा के बजट तक में कटौती कर दी गई है , जब्कि आधा देश सूखा और अल्पवृद्धि का सामना कर रहा है ।

मांगे –

01 . वन अधिनियम 1927 में प्रस्तावित आदिवासी विरोधी संशोधनो को वापस लो , जंगलो पर हमारा जो परंपरागत अधिकार है उसे छोड़ेगे नही ।

02 . आदिवासी वनाधिकार कानून का सही तरीके से क्रियान्वयन करो , वन भूमि पर व्यक्तिव और सामुदायिक अधिकारो से पट्टे बांटो .

03 . भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार , परियोजनाओं के लिए वर्षों से अधिग्रहित भूमि मूल स्वामी को वापस करो

04 . स्वामीनाथन आयोग के सी – 2 फार्मूले के अनुसार फसल की लागत मूल्य डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में दो धान का समर्थन मूल्य 3150 रूपये दो ।

05 . केन्द्रीय बजट के आदिवासी और किसान विरोधी प्रस्तावों को वापस लो ।

आएये इन नीतियों के खिलाफ और उक्त मांगो को लेकर छतीसगढ़ किसान सभा द्वारा 23 जुलाई को आयोजित विरोध कार्यक्रम को सफल बनाएं ।


नंद कश्यप , राकेश सिंह चौहान , देवान सिंह मार्को , मोनिका सिंह मार्को , ओमवती मरावी , फगुन ओट्टी , सुखऊ निषाद , महेश्वर साहू , सुधार सिंह भानू , ध्यान सिंह उइके , बहोरन सिंह कोराम , | महेश सोनवानी , रामेश्वर कुजूर , सुरेश कुमार भानू , चंद्रभान भानू , विशाल वाकरे , पिताम्बर मरावी , बुधवार मरावी , लवकेश पुरी , रमेश सिंह मार्को नोहर सिंह पेन्द्रो , अश्वनी विश्वकर्मा , कुमान सिंह पोर्ते , घासीराम मसराम , बेन सिंह मरावी , उमराव वाकरे , मनीष पनरिया , अमर सिंह आर्मो , महासिंह पेन्द्रो , श्यामलाल पनरिया , बेसाहन वाकरे , शिवकुमार कुजूर , धिरवाल , नेम सिंह आर्मो , हेम सिंह उराव , दुर्योधन भगवान चैतराम दुर्गेश चौधरी , रामअवतार , हेंमत कैवर्त , मनोज कुमार दुबे , चरण कुमार कुल्हारिया.
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