धीरेंद्र विक्रमादित्य गोपाल.

गोरखपुर/ चीन से बढ़ती नजदीकियों और भारत नेपाल के रिश्तों में खटास ने नेपाल में रह रहे भारतीयों लिए मुश्किल खड़ी कर दी है । भारत में अवैध नागरिकों पर बयान बाजी का प्रभाव नेपाल में स्पष्ट पडता दिख रहा हैं. नेपाल ने अवैध भारतीयों को देश से निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी है । फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नेपाली नागरिकता हासिल करने वाले भारतीयों की नागरिकता खारिज होने लगी है ।

दरअसल , दोनों देशों के बीच करीब 1751 किलोमीटर की सीमा एक – दूसरे से जुड़ी हुई है । यूपी , उत्तराखंड सहित कई राज्यों से जुड़ी भारत – नेपाल की सीमा के दोनों ओर लाखों भारतीय व नेपाली एक साथ रहते हैं । दोनों देशों के लोग एक – दूसरे के बीच रोटी – बेटी का रिश्ता भी रखते हैं । नेपाल में कई लाख भारतीय नागरिक अपनी व्यापारिक जड़े जमाए हुए हैं तो लगभग बीस लाख नेपाली भारत में रोजी – रोजगार करते आ रहे हैं । गौरतलब है कि भारत – नेपाल संबंधों में मतभेद हाल के वर्षों में ज्यादा देखने को मिले .


2015 नेपाल के संविधान मसौदे लेकर मधेसियों ने आंदोलन किया था , तब भारत – नेपाल सीमा कई दिनों तक ठप्प थी नेपाल ने अपनी कुछ भारतीय सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु , रुपनदेई नवलपरासी सहित कई जिलों में खुफिया रिपोर्ट के आधार पर करीब पांच हजार लोगों पर संदेह जताया गया है इन पर फर्जी दस्तावेजों के ज्यादा देखने मिल रहे हैं । 2015 नेपाल के संविधान मसौदे लेकर मधेसियों ने आंदोलन किया था , तब भारत – नेपाल सीमा कई दिनों तक ठप थी नेपाल ने अपनी कुछ महत्वपूर्ण सीमा चौकियों पर भारत द्वारा आर्थिक नाकेबंदी का आरोप लगाया । इसके अलावा नेपाली संविधान को लेकर भी वहां पर भारत विरोधी प्रदर्शन किया गया था ।

पांच हजार से अधिक लोगो पर शक.

भारतीय सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु रूपनदेई नवल परासी सहित क ई जिलों में खुफिया रिपोर्ट के आधार पर करीब पांच हजार लोगो पर शक़ जताया जा रहा है. इन पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर नागरिकता लेने का संदेह है.
सूत्रों की मानें तो नेपाल पूरे देश में जांच की तैयारी कर रहा है .यदि एसा होता हैं तो लाखों भारतीयों को नेपाल छोडना पड़ेगा .

कई दर्जन लोगों की नागरिकता छीनी

नेपाल ने अपने कानून का सख्ती से पालन कराते हुए बीते दिनों कई दर्जन भारतीयों की नेपाली नागरिकता को खारिज करा चुका है । वहां की काउंसिल ने इन नागरिकों की नागरिकता को जांच कराकर खारिज कर दिया ।

अधिकारियों पर भी की जा रही है कार्रवाई .

नेपाल सरकार ने झापा जिले में जिला प्रशासकीय अधिकारी गौरव ढुंगेल , नायब अधिकारी मेघराज निरौला और खारिज दाखिल अधिकारी तेजेंद्र न्यौपाने को निलंबित कर दिया है । इन लोगों | पर 16 लोगों को फर्जी तरीके से नागरिकता देने का आरोप है । भारतीयों पर कार्रवाई के बाद नेपाल दूसरे देशों के ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है ,जो नेपाल में फर्जी नागरिकता हासिल किए हैं .

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