रायगढ .

आखिर रायगढ जिले में घरघोड़ा ब्लाक के भेगारी में स्थित महावीर कोलवासरी की जनसुनवाई को रद्द कर दिया गया है । इसके पहले महाजेको की जनसुनवाई भी रद्द कर दी गई थी. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह आशंका की जा रही थी कि यह जनसुवाई भी होना संभव नहीं हैं।सभी गांवों में भारी जन विरोध हो रहा था। गांव के गांव की बर्बादी और लोगों जमीन प्रदूषण और पूरी तरह गैर कानूनी तरीके से जन सुनवाई का ग्रामीण कर रहे थे.धरना प्रदर्शन और हाईकोर्ट तक इसका विरोध किया गया. हाईकोर्ट ने अपने आदेश मे कहा की जनसुवाई की तारीख ,स्थान और जनसुवाई के दिन उपस्थित रहने की अनिवार्यता पर्यावरण विभाग के मेंबर सेक्रेटरी को है न कि कलेक्टर का.वह सामान्य कानून व्यवस्था का काम कर सकते हैं .मूलतः जनसुनवाई नहीं कर सकते.


महाजेनको की जनसुनवाई निरस्त करते हुये कलेक्टर ने लिखा था कि एसपी रायगढ की रिपोर्ट के आधार पर यह निरस्त कर रहे है ,जब कि पुलिस की रिपोर्ट तो एक सप्ताह पहले ही आ गई थी.


अब यह माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के हस्तक्षेप तथा भारी जन दबाव के चलते कलेक्टर ने यह निरस्त किया है ।

सामाजिक कार्योंकर्ता डिग्री प्रसाद चौहान कहते हैं कि जन
सुनवाई को स्थगित करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी । इसके लिए ग्रामीणों ने मोर्चा भी खोल दिया था । कलेक्टर रायगढ़ ने इस विषय पर सोच समझ कर जनसुनवाई को स्थगित करने की बात कही है ।

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