पोलियो जैसी भयंकर बीमारी का टीका खोजने वाले आज एक मसीहा #डॉजोनासएडवर्ड_सॉल्क .

प्रस्तुति – प्रोम्थियस प्रताप सिंह

जोनास सॉल्क (28 अक्टूबर 1914 – 23 जून 1995) एक अमेरिकी चिकित्सा शोधकर्ता और विषाणुशास्त्री थे, जिन्हें पोलियो के पहले सुरक्षित और प्रभावी टीके के विकास के लिए जाना जाता है। रूसी यहूदी अप्रवासी की संतान जोनास का जन्म न्यूयॉर्क शहर में हुआ था। माता-पिता ने हालांकि औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की थी, लेकिन वे अपने बच्चों को सफल देखना चाहते थे। न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में मेडिकल स्कूल में पढ़ते हुए उन्होंने एक चिकित्सक बनने की बजाए चिकित्सा अनुसंधान की ओर कदम बढ़ा कर अपने लिए अलग राह चुनी।
वर्ष 1955 में जब सॉल्क ने पोलियो का टीका पेश किया, तब पोलियो को युद्ध के बाद के दौर का सबसे भयावह स्वास्थ्य समस्या माना जाता था। 1952 तक इस बीमारी से प्रतिवर्ष 3,00,000 लोग प्रभावित और 58,000 मौत हो रही थी, जो अन्य दूसरी संक्रामक बीमारी की तुलना में सबसे ज्यादा थी। इनमें से ज्यादातर बच्चे थे। राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट इस बीमारी के सबसे ख्यात शिकार थे, जिन्होंने इस बीमारी से लड़ने के लिए टीका विकसित करने के लिए एक संस्थान की स्थापना की।
सॉल्क ने इस टीके को पेटेंट नहीं कराया और मानव सभ्यता को समर्पित कर दिया।
पूछने पर उनका कहना था कि-

“ज्ञान पर पेटेंट कैसा!

क्या आप कल सूर्य को पेटेंट कर सकते हैं?”


परन्तु मौजूदा पूंजीवादी व्यवस्था में जितनी विज्ञान की नई खोजें हो रही हैं,लगभग वे सभी पूंजीपतियों के मोटा मुनाफा कमाने के लिए हैं,क्योंकि वे उनका पेटेंट पहले ही अपने नाम संरक्षित कर लेते हैं।

जन्म : 28 अक्टूबर 1914 न्यूयॉर्क शहर, न्यूयॉर्क, यूएसए

मृत्यू : जून 23, 1995 (उम्र 80) ला जोला, केलिफोर्निया,यूएसए

निवास : यूएसए

राष्ट्रीयता : अमेरिकन

क्षेत्र : चिकित्सा शोध, विषाणुशास्त्री और epidemiology

संस्थाएँ : पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय

मातृसंस्था : सिटी कालेज ऑफ न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय

प्रसिद्ध कार्य : पहला पोलिया टीका

पुरस्कार : लेस्कर पुरस्कार (1956)

#विज्ञानविश्व पेज से, #रिपोस्ट】

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