चित्र इंटरनेट से और विकीपीडिया पर कोडंगलूर शहर के प्रातिनिधिक चित्र के तौर पर उपलब्ध है।

प्रोम्थियस प्रताप सिंह की प्रस्तुति

अंततः भारत में भी जलवायु संकट और प्रदूषण से निपटने की पहल शुरु हुई। छोटी ही सही। केरल के कोडंगलूर शहर में अब घर के परिसर में दो पेड़ लगाए बिना घर का रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा। यानी घर का रजिस्ट्रेशन लेना है तो अपने घर पर कटहल या आम जैसे दो पेड़ लगाने ही होंगे।
कोडंगलूर शहर के स्थानीय निकाय की ओर से इसका निर्णय लिया गया है।

इसमें 1500 वर्ग फिट के सभी मकानों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए दो पेड़ लगाने की अनिवार्यता कर दी गई है। ये दो पेड़ लगाए जाएंगे। घर बनाया जाएगा। निकाय का अधिकारी आकर निरीक्षण करेगा और देखेगा कि पेड़ों की देखभाल ठीक से की जा रही है कि नहीं। देखभाल ठीक होने और पेड़ों की बढ़वार देखकर मकान को रजिस्टर किया जाएगा।


अभी महीने भर पहले ही फिलीपींस ने अपने यहां नई शिक्षा नीति का प्रस्ताव लागू किया था। इसमें कहा गया है कि स्नातक होने के लिए छात्र को दस पेड़ लगाना अनिवार्य है। यानी अगर दस पेड़ नहीं लगाए तो डिग्री नहीं मिलेगी।
केरल का कोडंगलूर शहर इस तरह का निर्णय लेने वाला भारत में शायद पहला शहर है।


(चित्र इंटरनेट से और विकीपीडिया पर कोडंगलूर शहर के प्रातिनिधिक चित्र के तौर पर उपलब्ध है।)

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Kabir Sanjay की वॉल से साभार