साथी हाथ बढाना साथी रे ..अरपा के लिये जुटे है हाथ …आप भी आईये अरपा को ही नहीं खुद को बचाईये …

बिलासपुर .

पांच जून से अरपा को बहने दें अभियान अब प्रभावशाली रंग लेने लगा है .शहर के विभिन्न जन संगठन और व्यक्ति अपने अपने तरीकों से कुछ न कुछ कर ही रहे है. चाहें अरपा व्यू का विश्वाल आयोजन हो या छठ घाट पर लगभग दस हजार लोगों की गरिमामय भागीदारी .


पुराने पुल के आसपास इसका प्रभाव दिखाई देने लगा हे.गाद हटाई जा रही है.गहरीकरण दिख रहा हैं .प्रतीकात्मक ही सही लेकिन बड़ी संख्या में लोग धीरे आ रहे है.कूदाल .तसले और फावडे चल रहे हैं. तीन चार दिन से जन सहयोग लेके जेसीबी मशीन ने भी काम किया है.

नेचर क्लब के प्रथमेश मिश्रा ने आज कहा भी कि जनता के पार्टसिपेशन का दबाव प्रशासन पर भी पड़ रहा है वे भी जाग रहे हैं और सहयोग करने का काम भी कर रहे है.निश्चित ही गाद हटाने का काम श्रमसाध्य हैं इसके लिये जेसीबी मशीन की जरूरत हैं. कुछ मिल भी रहीं है.एक पूरे दिन के लिये सात हजार का भुगतान करने की जरूरत हैं .इसके लिये व्यक्तिगत और संस्थागत सहयोग की जरूरत हैं. उन्होने अपील भी की कि रोज सुबह 6 से 8 बजे पुराने सरकंडा पुल के नीचे हम लोग आपका इंतजार कर रहे है .

आज सुबह प्रथमेश मिश्रा, सत्यकाम आर्य ,नवनीत अग्रवाल ,साकेत तिवारी ,राम अग्रवाल ,योगेश साहू ,विक्रम दीवान ,गजेन्द्र धीर ,चंन्द्र प्रदीप बाजपेयी ,धर्मेंद्र और डा. लाखन सिंह श्रमदान के लिये पहुंचे थे.