नितिन सिन्हा की विशेष रिपोर्ट .

प्रभारी मंत्री उमेश पटेल ने कहा कलेक्टर के अवकाश से लौटने के बाद जांच और कार्रवाही में आएगी तेजी.. रायगढ़- खरसिया में किडनी चोरी की लोमहर्षक घटना को लेकर पीडित परिजन कहीं से कोई सहयोग न मिलने के कारण आगामी दिनों में आंदोलन करने की तैयारी में है।

इसके लिए उन्हें अपने समाज के अलावा दूसरे अन्य जागरूक संगठनों ने समर्थन देने की बात कही है। गौरतल हो कि कुछ दिन पूर्व पीड़िता श्री मति सुमित्रा बाई पटेल, उम्र-62 वर्ष, निवासी-मरकाम गोढ़ी, तहसील-सक्ति, जिला-जांजगीर चाम्पा (छ.ग.) का है, जो कि 26 मई, दिन-रविवार को पथरी का ईलाज हेतु शासकीय सिविल हॉस्पिटल के सर्जन डॉ. विक्रम सिंह राठिया के निजी हॉस्पिटल वनांचल केयर, खरसिया में भर्ती कराया गया था,जहां चार दिन बाद -30 मई , दिन-गुरुवार को तीन शासकीय सर्जन चिकित्सक डॉ. विक्रम सिंह राठिया, डॉ. सजन अग्रवाल (शासकीय सिविल हॉस्पिटल, खरसिया) एवं डॉ.आर के सिंह (शासकीय सिविल हॉस्पिटल, सक्ति) के द्वारा पथरी के ईलाज हेतु पीड़िता का ऑपरेशन किया गया । जिसमें पीड़िता व परिजन के जानकारी बगैर पथरी के साथ साथ एक किडनी को भी निकाल लिया गया है।

इस बात की जानकारी जैसे ही पीड़ित परिजनों को लगी उन्होंने हंगामा खड़ा किया। देखते ही देखते खरसिया किडनी चोरी की यह घटना प्रदेश भर में फैल गई। इधर अपनी कथित गलती से बैकफुट में आये पूर्व से ही बदनाम सुदा अस्पताल प्रबन्धन और विवादित डॉक्टरों के पसीने छूटने लगे। आनन-फानन में जिला प्रशासन और पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर जांच प्रारंभ कर दिया। वही कलेक्टर रायगढ़ में भी प्रशासनिक जांच टीम का गठन कर जांच प्रारंभ कर दी। इधर जांच टीम की प्रारंभिक गतिविधियों को देखते ही परिजन समझ गए कि शासन जांच में लीपा-पोती करने जा रही है। इस बात से नाराज परिजनों ने अपनी समश्या समाज के बड़े बुजुर्गों के पास रखी। जिसके बाद रायगढ़ जिले के हरदिहा पटेल समाज, के द्वारा शासन-प्रशासन को ज्ञापन के द्वारा उक्त घटना में उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करवाने की मांग किया गया था।


नाराज परिजन आंदोलन की राह पर पीड़ित परिजनों में से युवक ऐश्वर्य पटेल और समाज सेवी राकेश घृतलहरे का कहना है कि मामले को लेकर आरोपी पक्ष में तनिक भी शिकन नही है। न ही वे लोग अपनी गलती मान रहे है। जबकि रायगढ़ डॉक्टर आलोक केडिया के यहाँ हुए सिटी स्कैन रिपोर्ट में महिला की किडनी स्वस्थ बताया गया। फिर भी आम तौर पर डायरिया पेसेंट को रायगढ़ रिफर करने वाले महान डॉक्टरों ने 65 वर्षीय महिला की किडनी क्यों निकाल लिया गया है। इधर पुलिस और प्रशासन से भी उन्हें सहयोग नही मिला है। जबकि दोनो बड़ी पार्टी के जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिजनों से शर्मनाक दूरी बनाए रखी। इ

धर विभिन्न सूत्रों से मिली अपुष्ट जानकारी के अनुसार खरसिया के एक कद्दावर राजनीतिज्ञ जो वर्तमान में कोलकाता में इलाज रत है उसे भी अपना जीवन बचाने के लिए b+ किडनी चाहिए थी। जबकि शोशल मीडिया में चल रही अफवाहों को ध्यान देने से पता चल सकता है कि किडनी चोरी के इस घटना के तार उनसे जुड़े हो सकते हैं। इधर लम्बे समयांतराल के बात मीडिया से चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री उमेश पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वर्तमान में रायगढ़ कलेक्टर अवकाश में है उनके वापस आते ही मामले की जांच एयर कार्रवाही दोनो में तेजी आएगी। वे स्वम् चाहते है कि समय रहते प्रकरण का सच सबके सामने आए।

प्रकरण को लेकर सतनामी समाज के लोग भी पीड़ितों के सांथ खरसिया वनांचल केयर में भर्ती सुमित्रा पटेल पीड़िता को ब्लड की बहुत आवश्यकता था, तो ब्लड देने के लिये जब गया और बाद में उसके लड़के ऐश्वर्या पटेल के द्वारा पता चला की पथरी के ऑपरेशन के दौरान किडनी भी निकाल लिया गया है तब राकेश धृतलहरे ने जानकारी लिया कि यह नही हो सकता ऐसे कैसे कोई किडनी निकाल सकता है आप लोगो को डाक्टर ने किडनी को दिखाया है क्या तब ऐश्वर्या पटेल ने बताया कि हमे सिर्फ पथरी को दिखाया गया है तब राकेश धृतलहरे ने कहा चलो जाकर डाक्टर से पूछते है. वनांचल केयर के संचालक को जब पूछा कि महिला की किडनी कहाँ है तो उन्होंने कहा उसे सुरक्षित रखे है। इस पर ऐश्वर्या पटेल ने कहा हमे देखना है लेकिन नही दिखाया गया। शाम को फोन पर डॉक्टर से बात हुआ कि किडनी को सम्हाल कर रखना तो डॉक्टर विक्रम राठिया ने कहा कि हम उसे चेक करने के लिये भेज दिए है, तो राकेश धृतलहरे ने कहा मरीज को कोई बहुत बड़ा प्रॉब्लम नही था, रिपोर्ट के अनुसार खाली सूजन था आपको नही निकलना था और जब निकाले तो वीडियो बनाना था, आपको लिखित में देना पड़ेगा तो वह जवाब दिया समय मिलेगा तो ही दूंगा। उतने में ऐश्वर्या पटेल को भी पता चल गया कि इन लोगो ने कुछ न कुछ गड़बड़ किया है, इस बात को फिर राकेश धृतलहरे ने रायगढ़ के पत्रकार नितिन सिन्हा को बताया और रामकिशुन आदित्य,राजेश सहिस,निजाम खान को बताया तो उन लोगो ने डाक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करवाने को कहा एवं वरिष्ठ पत्रकार नितिन सिन्हा के द्वारा अन्य सभी मीडिया कर्मियों को सूचित किया। जिसके बाद मीडिया कर्मियों के समक्ष देर शाम तक थाने में शिकायत दर्ज किया गया।, sdop का कहना था कि जांच के बाद ही fir दर्ज होगा,चुकी पीड़िता मरार पटेल समाज से है इस सम्बंध में राकेश धृतलहरे का मरार पटेल के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र पटेल से हुआ वे कुछ काम से बाहर गए हुए थे आने के बाद मरार पटेल समाज ने भी मुख्यमंत्री एव sdm को जांच के लिये एवं कड़ी कार्यवाही के लिये ज्ञापन दिया गया।। /

समाज के लोग घटना को लेकर डाक्टर राठिया,उनकी पत्नी श्रीमती राठिया अन्य महिला डॉक्टर राठिया के अलावा डाक्टर सज्जन अग्रवाल और शक्ति निवासी डाक्टर सिंह के सांथ-सांथ सम्बन्धित बीमार नेता,भाजपा नेता ओ पी चौधरी और उनके परिजनों का घटना के एक दो दिन पूर्व से लेकर आज दिनांक तक मोबाइल काल डिटेल्स और रिकार्डिंग निकलवाने की मांग करते हुए,आगामी दिनों में जिला मुख्यालय रायगढ़ के आलवा प्रदेश की राजधानी रायपुर में भी आंदोलन करने की मंशा बना चुके है। इधर कलेक्टर के आदेश की धज्जियां उड़ाने वाली खुद उनकी जांच टीम ने आवश्यक रूप से तीन दिनों में दी जाने वाली जांच रिपोर्ट को अब तक पेश नही किया है। जबकि कुछ अनसुलझे सवालों के सांथ खरसिया किडनी चोरी प्रकरण में रशुखदार दोषियों के विरुद्ध कब कैसी कार्रवाही होती है यह देखना लाजिमी होगा।। बकौल खरसियां किडनी चोरी प्रकरण में कुछ अनसुलझें सवाल अब भी सामने खड़े है-


*क्या दोषी डॉक्टरों की शिकायत मेडिकल काँसिल ऑफ इंडिया से की गई.?
*क्या हुआ जांच रिपोर्ट का.?

  • पवनांचल हॉस्पिटल का पंजीयन किसके नाम से है.?
    *किडनी निकाली गई,तो किसे लगा दी गई.?
    *डॉक्टरों ने मरीज के परिजनों की सहमति के बिना किडनी क्यों निकाली.?
    *क्या तीनो डॉक्टर मानव अंग तस्करी से जुड़े हैं?
    *बेहोशी का इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर को क्या अधिकार हैं?
    *कोरे कागज़ में क्यों करवाये गए मरीज के परिजनों के हस्ताक्षर.कहाँ है कागज?
    *तीनों सरकारी डॉक्टर अस्पताल में इलाज ना कर निजी अस्पताल में आपरेशन क्यों किये?
    *सत्ता पक्ष,विपक्ष कहाँ हैं.?
    *कलेक्टर साहब को कब रिपोर्ट सौपीं जांच कमेटी.?
    *स्वास्थ्य मंत्री महोदय, प्रभारी मंत्री महोदय घटना को लेकर कब संज्ञान लेंगे.?
  • छोटे-छोटे मुद्दों पर हल्ला बोलने वाले ओ पी चौधरी कहाँ हैं?
    *खरसिया के खुंखार डॉक्टरों पर क्या कभी कार्यवाही होगी.?
    *मरीज के परिजनों ने पुलिस में शिकायत की,बयान हुआ पुलिस रिपोर्ट FIR दर्ज क्यों नहीं कर रही है.?
    *जब कोई कार्यवाही नहीं करनी तो खाना पूर्ति क्यों की जा रही है?
    *जांच के दौरान सम्भावित दोषियों का फोन रिकार्ड क्यों नही खंगाला जा रहा है.? *असुरक्षित तरीको से किडनी निकाले जाने के बाद यदि पीड़िता के सांथ कुछ बुरा हुआ तो दोषी कौन होगा.?

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