सर्व आदिवासी समाज ने की रायपुर में प्रेस कांफ्रेंस .


बैलाडीला मामले में आदिवासी समाज भी मुखर होकर सामने आ गया है । पूर्व केंद्रीय मंत्री व सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक अरविंद नेताम ने पूर्ववर्ती रमन और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा , नंदराज पहाड़ी आदिवासियों का पूजा स्थल है । 85 गांव के आदिवासी उन्हें अपना देवता मानकर पूजते हैं । केंद्र सरकार आदिवासियों के देवता को लीज पर देने का काम कर रही है । उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि कल को गोवर्धन पर्वत या अमरनाथ की गुफा में डायमंड या बड़ा खनिज अयस्क मिल जाए तो क्या सरकार उसे भी लीज पर दे देगी ?

राजधानी में पत्रकारवार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री नेताम ने कहा , डिपॉजिट 13 को 50 साल के लिए अडानी को लीज पर देने के लिए पूरी तरह पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और केंद्र में बैठी भाजपा सरकार दोषी है । इसके दूरगामी परिणाम सिर्फ़ छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश को देखने पड़ेंगे .

अरविंद नेताम ने कहा कि एन एम डी सी
केंद्र सरकार के अधीन आता है और अडानी समूह केंद्र का चहेता उद्योगपति है । खदान आबंटन के लिए लिए ग्राम सभा का प्रस्ताव अति आवश्यक है , लेकिन इस मामले में ग्राम सभा को पता ही नहीं उनकी अनुमति कब और किसने दे दी । जब नंदराज पर्वत में पेड़ों की कटाई शुरू हुई तो आदिवासियों को इसका पता चला और फिर इसका विरोध शुरू हुआ । आज 200 गांव के 25 हजार आदिवासी लोग राशन पानी लेकर एनएमडीसी के गेट पर विरोध जताने बैठे हैं । उन्होंने कहा कि आदिवासी समझौते के मूड में नहीं है । मुख्यमंत्री को एक दल वहां भेजना चाहिए जिससें वहां की हकीकत सामने आयेगी .

इस आंदोलन को बडा रूप देने के लिये झारखंड , ओडिशा और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्य के आदिवासियों से भी समर्थन मांगा जा रहा है । अडानी का उद्देश्य सिर्फ लाभ कमाना नेताम ने कहा कि अडानी विशुद्ध रूप से लाभ कमाने के लिए यहां आया है । वह एनएमडीसी और सीएमडीसी के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी गोली चला रहा है और सरकार को आदिवासियों का हित नहीं दिख रहा है । मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा ।

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