बस्तर संभाग छत्तीसगढ़  12 June 2019 

संतोष ठाकुर the voices ke liye

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल ने आज दोपहर में पत्रकार वार्ता ली इस दौरान उन्होंने कहा कि- मसीह धर्म को मानना अपराध के बराबर तुलना देने के साथ ही सुकमा के कई मसीहियों के घर मे तोड़फोड़ की जा रही है, इन आरोपियों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है।

उन्होंने कहा कि-  पुलिस का संरक्षण मिलने के कारण ये निडर होकर काम कर रहे हैं पुलिस और उच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे है। पन्नालाल ने बताया कि 23 मई की सुबह 11 बजे ग्राम बोडिगुड़ड़ा थाना दोरनापाल जिला सुकमा में बोडडी, कन्ना, पदाम, कोना के अलावा और भी कई साथियों के घर में प्रवेश करते हुए अनाज, घरेलू सामग्री को लूट लिया गया, वही महिलाओं से छेड़खानी करते हुए साड़ी को खींचते हुए गाली गलौज व जान से मारने की धमकी दी गई। वही आक्रमणकारियों की मांग थी कि मसीह धर्म को मानना छोड़ दो, इस मामले को लेकर फास्टर फिलिप ने थाने में कई शिकायत की, लेकिन थानेदार ने साफ कह दिया की एफआईआर दर्ज नहीं करेंगे। साथ ही फोर्स को भी घटनास्थल जाने से मना कर दिया गया।

अध्यक्ष अरुण पन्नालाल ने बताया कि ऐसा ही 24 मई को भी हुआ, 25 मई को मसीह समाज के प्रतिनिधियों ने सुकमा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। वहीं 27 मई को छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के द्वारा एफआईआर दर्ज करने की बात कही और लिखित शिकायत दी थी, जिसे नहीं लिया गया ना ही अब तक कोई एफआईआर दर्ज हुआ।

छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम मांग की है कि थानेदार दोरनापाल एवं पूर्व एसपी मरावी को तत्काल निलंबित करने के साथ ही मामले की जांच की जाए और सहयोगी अधिकारियों पर भी कारवाई की जाए। पीड़ितों का एफआईआर तुरंत लिखा जाए। छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम का कहना है कि- ‘कार्यवाही नहीं होने पर सुकमा बस्तर संभाग रायपुर में विशाल धरना प्रदर्शन करने के साथ ही