जगदलपुर । नईदुनिया


मारडूम थाना क्षेत्र के मारीकोडेर और आंजर गांव के 28 मजदूरों को अधिक वेतन का लालच देकर भद्राचलम का मजदूरी ठेकदार बेंगलूरू ले गया और वहां पांच माह बिना मजदूरी के काम कराया । जब मजदूरों ने गांव लौटने की बात कही तो इन्हें बंधक बनाकर रखा गया .


ये मजदूर सिकलाकट्टा नामक गांव से सौ किमी भागकर बेंगलूरू पहुंचे और किसी तरह अपने गांव लौटे हैं । मंगलवार को प्रताड़ित मजदूर एसपी बस्तर के पास पुलिस के पास पहुंचे और उनके साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत करते हुए नजदूरी दिलाने का निवेदन किया । पुलिस कप्तान ने मजदूरों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है । मजदूरों ने एसपी बस्तर डी श्रवण को बताया कि दिसंबर 2018 के अंतिम ” सप्ताह में भद्राचलम का दलाल जी श्रीराम आंजर और मारीकोडेर आया था और इन दोनों गांवों के मजदूर लच्छ , सुदरू , साकू , मन्ना , बड़ी , राजू , लक्ष्मण , मसतर , बसंत , बालकू , जयमन , जयको , कुमा , जलौरान , सायको , रमेश , आयतू , बाली , सनतु , बामन , रामलाल , सावन , हमा , रमेश कुमार , संपत , जयमन , मनी और बामनगम को बोरिंग मशीन में कान कराने अपने साथ बेंगलूम ले गया । प्रांत माह 12 हजार रुपये मासिक मजदूरी देने की बात कही गई थी । मजदूरों ने जनवरी मई 2015 तक तीन बाग मर्शनों में लगातार पांच महीने काम किया ।

मजदूरो ने बताया कि ठेकेदार ने मजदूरी एकमुश्त देने की बात कही , इसलिए वे चुप रहे और परंतु जब जून के पहले सप्ताह में किसानी अधिक करने घर लौटने की बात कहते हुए अपनी म का मजदूरी मांगी तो ठेकदार ने सभी को मात्र 1 पांच एक – एक हजार रुपये देकर उन्हें बंधक । । जब बना लिया । मजदूरों ने बताया कि वे मौका लौटने देखकर सिकलाकट्टा नामक गांव से र रखा 100 किमी भागकर बेंगलूरु पहुंचे । वहां से किसी तरह अपने गांव पहुंचे । मजदूरों गांव ने बताया कि प्रत्येक मजदूर को 59 हजार और रुपये तथा 28 मजदूरों को कुल 16 लार लवार 52 हजार रुपये नहीं मिला है इसलिए वे : के पास पुलिस अधिकारी के शरण में आए है।

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