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पत्रिका न्यूज

बिलासपुर , लंदन के टस नदी को तर्ज पर बिलासपुर की अरामा को विकसित करने के लिए तैयार विशेष प्राधिकरण योजना अब बंद होगी । शासन की ओर से इसके विघटन को लेकर पत्र आया था । सोमवार को शाम 5 बजे संभागीय कमिश्नर कार्यालय में हुई बैठक में इस योजना के विघटन को लेकर प्रस्ताव पास किया गया है । जिसकी जानकारी शासन को भेजी जाएगी ।

नौ साल पहले अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन हुआ था । इस योजना में 21 गावों को शामिल किया गया था । अरपा नदी के दोनों किनारों को टेम्स नदी की तरह बनाने को योजना बनाई गई थी । इस योजना के लिए नदी के दोनों ओर 200 – 2700 मीटर पर निर्माण करने की योजना थी । इसके ड्राइंग डिजाइन में लाखों रुपए खर्च किया गया था । कांग्रेस की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री भवेश बघेल ने नदी के दोनें और निर्माण पर लगाए गए प्रतिबंध हो हटा दिया था । अब इस योजना को बंद करने का निर्णय लिया गया है ।

पिपीपी मॉडल से बर्बाद हो गया अरपा प्रोजेक्ट

  1. अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संभागीय कमिश्नर थे । सीईओ निगम के आयुक्त को बनाया गया था । हर डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर को सदस्य बनाया गया था । नदी को बचाने 12 किमी के एरिया में छह एनिकट के निर्माण और नदी तट पर रिटेर्निग वॉल बनाने की योजना बनाई । एक काम आसपास के इलाके को स्मार्ट सिटी के तौर पर डेवलप करना भी था । इस काम के लिए 18 सौ 50 करोड़ का प्रोजेक्ट बन गया ।
  2. लोफंदी से दोमुहानी तक 18 मिलोमिटर क्षेत्र को नया शहर बसाने की प्लानिंग की गई । इस प्रोजेक्ट के लिए शासन से अब तक 11 करोड़ रुपए मंजूर हुए । इसमें से 10.50 करोड़ रूपए केवल कंसल्टेंट के। लिए ले गए | कंसल्टेंट को विकास कार्य की प्लानिंग करनी थी । अब तक एक कंसल्टेंट ली एसोसिएट्स को अरपा विकास प्राधिकरण का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए निगम ने 4 करोड रुपए का भुगतान कर दिया है । इसके बाद भी प्लानिंग अधूरी थी ।

3.शासन ने फिर से का प्लान तैयार कराने के लिए 8 करोड़ रुपए स्वीकृत किये थे । इस राशि से डिटेल प्लान बनाया जाना था । इस पूरी प्रक्रिया में एक बड़ी गलती यह कि इस प्रोजेक्ट को पीपीपी मॉडल में धकेल दिया । काम के लिए तीन बार टेंडर किए गए पर कोई उद्योगपति ही सामने नहीं आया । काम आगे बढ़ाने के लिए निगम फिर फायनेंसर की तलाश कर रहा है । अगर उद्योगपतियों ने पैसे लगाने से इनकार कर दिया तो इस पर खर्च हुए करोड़ रुपए पर पानी फिर जाएगा ।

कौन बचाएगा नदी को . ?

नदी के विकास के लिए बनाया गया गला प्राधिकरण पूर्व मुख्यमत्री डॉ . रमन सिंह ने अरपा नदी के विकास के लिए बनाया था । वहां इन नौ सालों के दौरान प्राधिकरण के दफ्तर का उद्धाटन हुआ , कुछ कर्मचारियों , अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति हुई . एक निजी कंपनी को डीपीआर , सर्वे के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान हुआ । नदी के दोनों किनारों की जमीनों की रजिस्ट्री पर पहले रोक लगाई गई फिर विशेष अनुमति लेकर खरीदी – विक्री की छूट दी गई और दलालों ने विशेष अनुमति के नाम पर करोड़ों रुपए से कमा लिए । नौ सालों में सब कुछ हुआ पर नदी की ओर ध्यान नहीं दिया । ।

अरपा विकास प्राधिकरण योजना को बन्द करने का निर्णय सही है । इस योजना के लिए करोड़ों खर्च किया गया लेकिन दस साल में एक ईट भी नहीं रखी गई । सरकार ने इसे बंद करने का निणर्य लिया है वह अच्छा है । आने वाले भविष्य के लिए भी ठीक रहेगा ।

शैलेष पाण्डेय , विधायक बिलासपुर कांग्रेस ।

अरपा प्राधिकरण को बंद करने का निर्णय सही है । सालों से चली आ रही योजना में करोड़ों रुपए बर्बाद किया गया । लेकिन नदी में पानी रोकने की कोई प्लानिंग नहीं की गई । उल्टा इस योजना से लोगों को दिक्कतें हुई । सरकार को नदी में बारहो मा पानी रुके ऐसी योजना बनाना चाहिए ।

रेण जोगी , विधायक कोटा जकछा

गलत निर्णय है । इसे बंद नहीं होना चाहिए एक तरफ अरपा बचाव के लिए मीटिंग होती है । दूसरी तरफ अरपा योजना विघटन समझ से परे है । अरपा बिलासपुर की जीवन दायनी है । इस योजना को बंद करने का निर्णय लेना भविष्य में भावी पीढी के साथ न्याय नहीं होगा ।

अमर अग्रवाल , पूर्व मंत्री छग शासन

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