दंतेवाड़ा , नईदुनिया


बैलाडिला के पहाड़ी से निकलने वाली शंकनी नदी के पानी के शुद्धिकरण के लिए राष्ट्रीय किसान परिषद आंदोलन की तैयारी में है । आठ जून को किसान किरंदुल से ट्रैक्टर और पैदल जगदलपुर के लिए कूच करेंगे ।


संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपकर शंकनी नदी के लाल पानी से होने वाले नुकसान की जानकारी देंगे । साथ ही , नई और पानी की सपाटे के लिए छह माह का अल्टीमेटम दिया जाएगा । सुनवाई नहीं होने पर क्षेत्रीय जनता के सहयोग से किसान परिषद बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगा ।

यह बात सोमवार को स्थानीय सर्किट हाउस में किसान परिषद और किरंदुल – बचेली क्षेत्र के किसानों ने मीडिया के समक्ष कही । परिषद के पदाधिकारी सुदम् कुजान ने मीडिया से चर्चा में कहा कि एनएमडीसी लौह अयस्क की धुलाई के बाद लाल पानी सालों ने शंकनी में छोड़ रहा है । इससे नदी का जल दुसित होकर लोगों और मवेशियों के लिए जहर बन रहा है । इतना ही नहीं बारिश में यही पानी लौह कण के साथ खेतों तक पहुंचता है । इससे खेत बंजर हो गए और उपज की पैदावर बंद हो गई है ।

कुजाम के मुताबिक शंकनी नदी से किरंदुल , बचेली के साथ दंतेवाड़ा , भासा , गमावड़ा आदि क्षेत्र के 557 परिवार प्रभावित हैं जिसका मुआवज भी एनएमडीसी सही दूर से नहीं दे रहा है । पहाड़ के उस पार बसे लोगों को मुआवजा तो छोटो सुविधाएं भी सलो से मुहैया नहीं कराई गई हैं । परिषद के के प्रांताध्यक्ष सुरेश यादव ने बताया कि मुख्य मांग तो लाल पानी की समस्या है । इसके अलावा , एनएमडीसी में स्थानीय लोगों की भर्ती , एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर लाने की बातें भी रखी गई हैं । चर्चा के दौरान मौजूद जिला पंचायत सदस्य चैतराम अटामी ने कहा कि आठ जून को जिले भर के किसान बाइक , ट्रैक्टर से जगदलपुर जाएगे । बस्तर जिले के बाप्तानार , चित्रकोट , दरभा इलाके में भी किसान ट्रैक्टरों में जगदलपुर पहुचकर यात्रा को सफल बनाएंगे।

सीवरेज का पानी सीधे नदी में :

पदाधिकारियों ने बताया कि एनएमडीसी के बचेली – किरंदुल की कॉलोनियों के सीवरेज से निकलने वाला दूषित और गंदा पानी सीधे नदी – नाली में पहुंच रहा है । इसका सेवन कर ग्रामीण गंभीर रोगों के शिकार हो रहे हैं । इतना ही नहीं शंकनी नदी के पानी से आराध्य देवी दंतेश्ग की पूजा – अर्चना भी होती है । इस तरह एनएमडीसी बीमारीयां देने के साथ धार्मिक भावनाओं से भी खिलवाड़ कर रहा है।

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