इस सप्ताह हम चर्चा कर रहे है मानव अधिकार कार्यकर्ता और पीयूसीएल छत्तीसगढ़ से जुड़े डा. लाखन सिंह से.जो मूलतः ग्वालियर से है और छत्तीसगढ़ में विभिन्न जन आंदोलनों मे सक्रिय है.वे बता रहे है कि कैसे ग्वालियर मेंं वामपंथी आंदोलन से जुड़े रहे ,अपने दोस्तों जो बाद में माकपा के प्रमुख नेता बने उनके साथ की बात और फिर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आकर रहने , साक्षरता आंदोलन ,भारत ज्ञान विज्ञान समिति के साथ जीवन के सबसे महत्वपूर्ण 10,15 साल सघन साथ रहने के बाद उनका यह कहना कि यह समय उनका व्यर्थ चला गया.

छत्तीसगढ़ मेंं बस्तर ,सोनी सोरी ,प्रभाकर ग्वाल के काम और संघर्ष की बाते सुनिये इस चर्चा में.

चर्चा की संजीव खुदशाह ने …