पत्रिका .काम

जगदलपुर . इंद्रावती बचाने निकाली जा रही पदयात्रा हर दिन 7 से 8 किमी का पड़ाव पूरा कर रही है । रास्ते में पड़ने वाले गांव के लोगों को पदयात्री नदी के आसपास ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और नदी के आसपास साफ – सफाई रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं । इसे लेकर गांवों में पदयात्री जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित कर रहे हैं । जगदलपुर विकासखंड के भेजापदर से शुरू हुई पदयात्रा तोकापाल ब्लॉक से होते हुए लोहांडीगुड़ा ब्लॉक पहुंच गई है । आगामी दो – तीन दिनों में इंद्रावती बचाओ जनजागरण अभियान पदयात्रा अपने निर्धारित स्थान चित्रकोट पहुंच सकती है ।

इस बीच पदयात्रा को लेकर लोगों में जोश कम नहीं हुआ है । लगातार पदयात्री नदी के रास्ते आगे बढ़ रहे हैं । शनिवार 18 मई को पदयात्रा तोकापाल विकासखंड के घाटधनोरा से शुरू हुई और लोहांड़ीगुड़ा ब्लॉक के छापर भानपुरी में संपन्न हुई । इस दौरान पदयात्रियों ने नदी के रास्ते साढ़े 12 किलोमीटर की दूरी तय की । कड़ी धूप होने के बावजूद पदयात्रियों में जोश बरकरार रहा । बल्कि वे और ज्यादा उत्साह के साथ आगे बढ़ते गए । शनिवार को शहर के लगभग दो दर्जन पदयात्री और जुड़े । उन्होंने भी इंद्रावती बचाओ जनजागरण महाअभियान का हिस्सा बनकर अपनी सहभागिता निभाई ।

घाटधनोरा से छापर भानपुरी के बीच पड़ने वाले टिका धनोरा , नंदपुरा , झारतराई , तोतर बड़ेपारा , छिंदबहार , बोडनपाल , कोंडालूर और सरगीपाल गांव में पदयात्रियों ने इंद्रावती बचाने सहित पर्यावरण को सुरक्षित रखने तथा साफ – सफाई के बारे में लोगों को जानकारी दी पदयात्रा के साथ लगातार 12 दिन से चल रही तुलसी ठाकुर ने गांव की महिलाओं को नदी की किनारे साफ – सफाई रखने की बात कही ।

डिमरापाल सेवा आश्रम की तुलसी ठाकुर नदी के प्रत्येक घाटों पर गई और खासकर महिलाओं को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया ।इसके अलावा इन गांव के बीच लोगों को पर्यावरण सुधार के लिए व्यापक स्तर पर पेड़ लगाने की बात कही गई ।उबड़ – खाबड़ की किनारे साफ – पथरीले रास्तों के बीच पदयात्रा लगातार 12 वें दिन भी जारी रही । ग्रामीणों ने भी पदयात्रियों की सारी बातें सुनी और पेड़ लगाने का आश्वासन दिया है । बस्तर में बहने वाली एकमात्र बड़ी नदी इंद्रावती के जल संकट को देखते हुए शहर के जागरूक जनता ने इस पदयात्रा की शुरुआत की । जो ग्राम भेजापदर से शुरू होकर चित्रकोट तक जाएगी । इस महाअभियान में शहर के लोगों के साथ – साथ ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पदयात्रियों के साथ पैदल मार्च कर रहे हैं । पदयात्रियों के मेहनत का असर भी दिखने लगा है । शनिवार को संपन्न पदयात्रा में अलग – अलग गांवों से आकाश बघेल , दुर्जन बघेल , सोमनाथ , नीलेश बघेल , बलराम मौर्य , महादेव मौर्य , कुंडेश्वर बघेल , हरिराम बघेल , सुखदेव बघेल , लक्ष्मी मौर्य , राजमन , सालिग राम बघेल , कमल बघेल , सुकरी मौर्य , बबलू मोर्य , दुकालू मौर्य , सुंदरी मौर्य आदि ग्रामीण मौजूद थे । 23 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे । इसके बाद ओडिशा के राजनीतिक हालात स्पष्ट हो जाएंगे ।

इंद्रावती के लिए बस्तर के अफसरों की रायपुर में मंत्रणा , सोमवार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

इंद्रावती नदी बचाने विभागीय स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं । शुक्रवार को ईएनसी ने जोरा नाला का निरीक्षण कर कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की है । यह रिपोर्ट सोमवार को जल संसाधन विभाग के सचिव को सौंपी जाएगी । इस बीच जल संसाधन विभाग के अधीक्षण और कार्यपालन यंत्री ने विभाग के उच्च अफसरों के साथ रायपुर में इंद्रावती के संकट पर मंत्रणा की । बताया जा रहा है कि जोरा नाला स्ट्रक्चर की मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट तैयार हुई है । इस रिपोर्ट में पानी के बहाव से लेकर स्ट्रक्चर की उपयोगिता तक के विषयों को शामिल किया गया है । रायपुर में हुई विभागीय बैठक में भी अफसरों ने इंद्रावती को संकट से उबारने की कार्ययोजना पर काम किया है । विभागीय सूत्रों की माने तो बैठक में बस्तर के अफसरों की तरफ से इंद्रावती के संकट पर बकायदा प्रजेंटेशन दिया गया है । बताया गया है कि किस तरह इंद्रावती तक गर्मी के दिनों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है । ओडिशा की मनमानी पर भी बैठक में चर्चा हुई है ।

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