बिलासपुर @ पत्रिका .हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए बनाए गए कानून का पालन नहीं किए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को शासन ने एक बार फिर अपना जवाब पेश किया । शासन के इस जवाब पर सीजे रामकृष्ण मेमन व जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव की युगलपीठ ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से कहा हवा – हवाई नहीं मामले की विस्तृत जमीनी रिपोर्ट पेश करें । बताएं कि प्रदेश भर में हाथ से मैला उठाने पर रोक लगाने के लिए अब तक क्या उपाय किया है सफाई कर्मचारी अत्यंत दुरुह परस्थितियों में काम कर रहे हैं , उन्हें सुरक्षा मलैया कराने की दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं । युगलपीठ मामले की आगामी सुनवाई समर वेकेशन के बाद नियत की है । ये पहला मौका नहीं है जब हाईकोर्ट ने शासन को फटकार लगाई है।27 फरवरी की सुनवाई के दौरानसचिव द्वारा दिए गए एफिडेबिट को भी कोर्ट ने भ्रामक और अपूर्ण बताते हुए सिरे से खारिज कर नए सिरे से जवाब देने को कहा था । कोर्ट के निर्देश के बाद भारी – भरकम रिपोर्ट पेश की गई । कोर्ट ने इसे भी अपूर्ण बताते हुए अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है । कोर्ट ने ये तक कहा अधिकारी एसी कमरे से निकलें और मौके पर जाकर सफाई कर्मचारी की बदहाली देखकर रिपोर्ट बनाए । पिटिशनर इन परसन रायपुर के जनमेजय सोना ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए बनाए गए कानून का पालन नहीं करने और पर्याप्त सुरक्षा तथा संसाधन के बिना काम लिए जाने का आरोप लगाया है ।