भाटपाल के किसान तुलाराम और सुखदास को थाना बुलाकर जेल भेजने से किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। इतना ही नहीं पीडि़त किसानों के परिजनों ने बस्तर ब्लाक के भाटपाल से 25 किमी दू जगदलपुर कलेक्टोरेड के लिए बुधवार से पदयात्रा भी शुरू कर दी है।

जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

तुलाराम और सुखदास को जेल भेजने से किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। इतना ही नहीं पीडि़त किसानों के परिजनों ने बस्तर ब्लाक के भाटपाल से 25 किमी दूर जगदलपुर कलेक्टोरेट के लिए बुधवार से पदयात्रा भी शुरू कर दी है। इनमें गिरफ्तार किसान सुखदास की 85 वर्षीया मां सोनामनी भी शामिल हैं। इनकी मांग है कि गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा किया जाए और उनका कर्ज सरकार अदा करे। साथ ही, मुनाफाखोर प्राइवेट फायनेंस कंपनियों, केसीसी में दलाली व ड्रिप इरीगेशन में भारी फर्जीवाड़ा करने वाले सप्लायरों, बैंक प्रबंधकों के खिलाफ एसआईटी गठित कर किसानों को न्याय दिलाएं।

फोटो नईदुनिया से आभार सहित

एसबीआइ किसान शाखा से भाटपाल के किसानों ने टपक सिंचाई के लिए कर्ज लिया है लेकिन जितनी जमीन में इस योजना को लागू करने के लिए ऋण दिया गया है, उतनी भूमि में सप्लायर ने काम नहीं किया और न ही बीते 10 साल में ड्रिप इरीगेशन का पूरा उपकरण किसानों को दिया। इसके चलते किसान योजना का लाभ नहीं उठा पाए। इधर कर्ज अदा नहीं करने का आरोप लगाते हुए बैंक प्रबंधन ने न्यायालय में प्रकरण दर्ज करा दिया जिसके चलते शुक्रवार को किसान तुलाराम और सुखदास को जेल भेज दिया गया है। इस प्रकरण से पूरे बस्तर के किसानों में आक्रोश है। मीडिया के माध्यम से किसानों को जैसे ही जानकारी मिली कि भाटपाल के दो किसानों को जेल दिया गया है, वे भाटपाल में एकत्र होने लगे और किसानों को छुड़ाने के लिए बुधवार सुबह करीब 11 बजे भाटपाल से कलेक्टोरेट के लिए 25 किमी लंबी पदयात्रा शुरू कर दी है। यह पदयात्रा गुरूवार को जगदलपुर पहुंचेगी। जिलाधीश बस्तर से मिल कर किसानों को तत्काल रिहा कराने और किसानों का कर्ज शासन द्वारा अदा करने का मांग पत्र सौंपा जाएगा। यह पदयात्रा बुधवार को भाटपाल से शुरू होकर शाम को 16 किमी दूर घाटलोहंगा पहुंची है। बताया गया कि गुरुवार की सुबह सात बजे यह पदयात्रा आगे बढ़ेगी और जिला कार्यालय पहुंच कर राष्ट्रीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर बस्तर से प्रकरण पर व्यापक चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा जाएगा। गिरफ्तार किसान सुखदास के पुत्र खगेन्द्र नाथ पदयात्रा में शामिल हैं। उसने बताया कि सप्लायरों और बैंक प्रबंधकों की धांधली के कारण 10 साल बाद भी उनकी जमीन पर ड्रिप इरीगेशन उपकरण लग नहीं है और मनमानी करते हुए उनके पिता तुलाराम मौर्य को गिरफ्तार कर छह दिन पहले जेल भेज दिया गया है। यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है।

बेटा को छुड़ाने आ रही बूढ़ी माँ

बैंक वालों के कारण जेल पहुंचे भाटपाल के किसान सुखदास की 85 वर्षीया बूढ़ी मां सोनामनी भी पदयात्रा में शामिल हैं। उसने बताया कि उसके साथ उनकी बहू भी चल रही है। इनका कहना है कि कर्ज दिया लेकिन सिंचाई हेतु संसाधन ही नहीं दिया और दोषी उसके बेटे को बना दिया गया। यह पूरी तरह से ज्यादती है। इस प्रकरण की गंभीरता से जांच कर दोषी लोगों को सजा दिलाने वह कलेक्टर से मिलने जगदलपुर जा रही हैं। अगर तुलाराम और सुखदास को छोड़ा नहीं गया तो जगदलपुर में ही सभी भूख हड़ताल पर बैठेंगे।