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बिलासपुर / छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में कल एतिहासिक क्षण था जब एक दुष्कर्म पीडिता ने खुद से पैरवी करने की अनुमति मांगी और कहा की मुझे मालूम है की आर्थिक तंगी से प्रभावित को लीगल एड प्रदान की जाती है लेकिन में चाहती हु की अपनी बात खुद कोर्ट के सामने रखूं जो में बेहतर कर सकती हूँ .कोर्ट ने इसकी अनुमति प्रदान कर दी. पीडिता ने सरकंडा बिलासपुर थाना द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं नहीं करने पर खुद याचिका दायर की थी और निवेदन किया की पुलिस को बाध्य किया जाये की वह आरोपियों के खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही करे, याचिका में कहा गया है की दुष्कर्म के बाद सरकंडा थाने में इसकी शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की तब मजबूर होकर उन्हें कोर्ट में अपनी गुहार लगाईं है.

पीडिता ने यह भी लिखा है की उसने अपनी शिकायत एसपी बिलासपुर को की थी और एसपी ने जाँच करके आरोपी को गिरफ्तार करने के आदेश भी दिए थे लेकिन सरकंडा थाने ने उसपर भी कोई गिरफ्तारी नहीं की गई.

कोर्ट ने यह भी कहा की ऍफ़ आई आर दर्ज होने औए एसपी के निर्देश के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई है.कोर्ट ने एसपी बिलासपुर को 17 मई तक शपथ पत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया हैं.

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