संजय राठौर , पत्रिका .काम के लिये

जांजगीर – चांपा . जहां चाह वहां राह ‘ कुछ इसी भावनाओं को चरितार्थ करते हुए जांजगीर चांपा जिले के बम्हनीडीह ब्लॉक के गौरव ग्राम अफरीद के युवा केशव सिंह राठौर ने समाज सेवा के लिए न केवल खुद को पांच एकड़ जमीन को बेचकर आश्रम बनाने में लगा दिया बल्की इस आश्रम में बृद्धजनो की सेवा करने का संकल्प भी लिया है।


केशव का मानना है कि मन में कुछ कर गुजरने की इरादा हो तो आर्थिक व मानसिक परेशानी कोसों दूर भाग जाती है । केशव इस आश्रम में 25 बच्चों को पाल – पोसकर तालीम दिला रहे हैं । साथ ही समाजसेवा कर रहे हैं । वे क्षेत्र के लोगों के लिए मिसाल बने हुए हैं । केशव ने चार साल पहले किराए के कमरे में गरीब व जरूरतमंद बच्चों के लिए आश्रम की बुनियाद रखी और दो साथियों के साथ मिलकर अपनी पैतृक 5 एकड़ जमीन की बिक्री कर तिलक सेवा संस्थान का पंजीयन कराया ।

समाजसेवा के लिए बढ़ते रहते हैं हाथ

समाजसेवा केशव ने बताया कि गांव में आश्रम संचालित होने के बाद क्षेत्र के समाजसेवी आश्रम का भ्रमण करते हैं । आश्रम के बच्चों को देखकर सहसा ही उनके मन में आर्थिक सहयोग की भावना जागृत होती हैं और वे आर्थिक सहयोग करने पीछे नहीं हटते । अब तक सैकड़ों लोगों ने यथाशक्ति सहयोग किया हैं । इतना ही नहीं , समाजसेवियों द्वारा ठंड के दिनों में गर्म कपड़े , गर्मी के दिनों में कूलर पंखे जैसे कई तरह के सुविधाओं के लिए सहयोग प्रदान करते रहते हैं ।

बच्चों के लिए खुद खोला स्कूल


केशव पहले इन जरूरतमंद बच्चों को गांव के एक निजी स्कूल में तालीम दिलाई । इसके बाद जब बच्चों की संख्या बढ़ती गई तब वे खुद का निजी स्कूल खोल लिए । अब इस स्कूल में 28 बच्चे तालीम ले रहे हैं । आश्रम के बच्चों को न केवल अच्छी तालीम मिल रहीं , बल्कि अच्छा परिवेश भी मिल रहा है । केशव ने बताया कि आश्रम में ऐसे बच्चों को लिया जाता है , जो बेहद गरीब हैं या जिनके माता पिता अपने बच्चों की परवरिश करने में अक्षम है ।